गच्चा खा गए अकाली, बागी सांसद ढींढसा के घर पर हुआ खुलासा

  • Updated on 2/6/2019

नई दिल्ली/(सुनील पाण्डेय)। 1984 सिख दंगों सहित हर सिख मामलों पर सबसे पहले श्रेय लेने वाले शिरोमणि अकाली दल (बादल) इस बार गच्चा खा गए। केंद्र सरकार की पहल पर यूपी की योगी सरकार ने गुपचुप तरीके से काम कर दिया, और अकालियों से पूछा तक नहीं। लिहाजा, यह एक बड़ा धक्का माना जा रहा है। 

केंद्र सरकार की बनाई एसआईटी हो, करतारपुर कोॅरिडोर को खोलने की बात हो, या फिर अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान से उजड़ कर आए सिख शरणार्थियों को नागरिका देने का मामला हो, हर बार अकाली श्रेय ले जाते थे। लेकिन पहली बार गुपचुप तरीके से कानपुर एसआईटी बनाने के आए फैसले ने अकाली नेताओं को श्रेय लेने का मौका ही नहीं दिया। 

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अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल से नाराज चल रहे दिल्ली के टकसाली नेता कुलदीप सिंह भोगल ने एक अन्य बागी सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा के घर प्रेस काफ्रेंस करके अकाली नेताओं को भौचक्का कर दिया। अकाली नेताओं के पास अब भोगल की तारीफ करने के सिवा कुछ नहीं है। ढीढ़सा की भाजपा से बढ़ रही नजनीतिकयों के बीच कानपुर एसआईटी का श्रेय अकाली को ना मिलना लोकसभा चुनाव से पहले पंजाब में हाशिये पर चल रहे अकाली दल के लिए खतरे की घंटी है। 

यह कह सकते हैं कि एकला चलो की नीति पर चलने का भाजपा का संकेत भी है। खास बात यह है कि भोगल ने एसआईटी के लिए नेताओं के धन्यवाद के दौरान एक बार भी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल एवं सुखबीर सिंह बादल का नाम नहीं लिया।

लिहाजा, कयास लगाए जा रहे हैं कि भोगल इस बड़ी प्राप्ति को भाजपा नेताओं की झोली में ही डालना चाहते हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंघक कमेटी ने कानपुर के सिख नरसंहार मामलों की जांच पर एसआईटी का गठन करने के लिए यू.पी.सरकार का किया धन्यवाद।

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बड़े मगरमच्छों को मिलेगा दंड : दिल्ली कमेटी 
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कानपुर के 1984 सिखों के नरसंहार मामलों की जांच के लिए चार सदस्यीय एसआईटी गठित करने के लिए धन्यवाद किया है। कानपुर में हुए सिख नरसंहार में अनेक बड़े मगरमच्छों को दंड मिल सकेगा। कानपुर में हुए सिख नरसंहार में इनकी भूमिकाओं के लिए भी इन्हें दोषी ठहराया गया। 

एसआईटी उस समय के सभी मुकदमों की जांच पड़ताल करेगी और जो सजा मुक्त कर दिये गये हैं, उनके मामलों की फिर से विवेचना कर छ: माह में एसआईटी अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी। दिल्ली कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि एसआईटी के गठन से विशेष रूप से पीडि़त परिवारों में सिख समुदाय के लिए न्याय की उम्मीद फिर से जागृत हुई है।

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