Thursday, Oct 28, 2021
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200 farmers will participate in parliament march list will be handed over to delhi police rkdsnt

कृषि कानूनों के खिलाफ संसद मार्च में भाग लेंगे 200 किसान, पुलिस को सौंपी जाएगी सूची

  • Updated on 7/18/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कृषि कानूनों के खिलाफ किसान 22 जुलाई से संसद मार्च करेंगे इस पर संयुक्त किसान मोर्चा की नौ सदस्यीय समन्वय समिति व दिल्ली पुलिस के बीच सहमति बन गई है। आज दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त के साथ बैठक में मार्च करने वाले किसानों की संख्या को लेकर सहमति नहीं बन सकी। मार्च में 200 किसान जाना चाहते हैं जबकि पुलिस संख्या कम करने को कह रही है। किसानों ने पुलिस को ये जरूर भरोसा दिलाया कि किसानों का संसद घेराव या उसमें जबरन घुसने की कोई मंशा नहीं है। हां, इस दौरान मेट्रो स्टेशनों को अलर्ट जरूर कर दिया है। 

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       दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने किसानों के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले रविवार को सिंघू बॉर्डर के पास किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर, प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की पेशकश की, जिसे किसान नेताओं ने ठुकरा दिया। पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के बाद किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा कि हमने दिल्ली पुलिस को बताया है कि सिंघू बॉर्डर से हर दिन 200 लोग संसद तक मार्च करेंगे। इस दौरान प्रत्येक व्यक्ति के पास पहचान पत्र होगा, जिसमें नाम, फोटो होगी और इन प्रदर्शनकारियों की सूची हम सरकार व पुलिस को सौंपेंगे। पुलिस ने हमसे प्रदर्शनकारियों की संख्या कम करने को कहा, जिससे हमने मना कर दिया। 

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      एक अन्य किसान नेता ने बताया कि हम संसद के सामने जाकर सिर्फ खड़े होंगे ताकि हमारी मांग सांसदों व केंद्र सरकार तक पहुंचे। अब चूंकि करीबन करीबन 450 किसान संगठन जुड़ रहे हैं इसलिए उनकी सूची बनाई जा रही हैं। हालांकि ये किसान नेताओं ने तय नहीं किया है कि 200 किसान संसद तक कैसे जाएंगे। संभव है किसी वाहन से राजघाट या पुलिस के बताए स्थान तक जाएं और फिर वहां से संसद मार्च करें। यह योजना भी कल तक दी जा सकती है। वहीं विभिन्न राज्यों में किसान आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधिमंडल सांसदों से मिल रहे हैं और मोर्चा द्वारा जारी व्हिप सौंप रहे हैं।

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दूसरी तरफ चुनाव लडऩे की अटकलों के बीच बीकेयू टिकैत ने साफ तौर पर कहा है कि उनकी चुनाव लडऩे की  कोई मंशा नहीं है। किसान नेताओं ने कहा कि वे हमेशा समझौते के पक्ष में रहे हैं और इसीलिए समझौते के बाद रोहतक धरना समाप्त हो गया व 19 जुलाई को महिला न्याय पंचायत भी रद्द हो गई है। 

किसान मार्च के दौरान, अलर्ट पर रहेंगे मेट्रो के सात स्टेशन 
सिंघू बॉर्डर, टीकरी, गाजीपुर से किसान दिल्ली कूच करेंगे तो दिल्ली पुलिस व प्रशासन अलर्ट हो गया। सुरक्षा इंतजामों के तहत नई दिल्ली जिले के सात मेट्रो स्टेशनों को भी अलर्ट पर रहने को कहा है। सोमवार को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत होगी जो और 22 जुलाई को किसान मार्च शुरू करेंगे। इस दौराना संसद के आसपास वाले जनपथ, लोक कल्याण मार्ग, पटेल चौक, राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस और उद्योग भवन मेट्रो स्टेशनों पर अतिरिक्त निगरानी रखने और जरूरत पडऩे पर उन्हें बंद करने को कहा है। 
 

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