Wednesday, Oct 27, 2021
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22 more AIIMS will be dedicated to the country: Mansukh Mandaviya

देश को समर्पित होंगे 22 और एम्स : मनसुख मंडाविया

  • Updated on 9/26/2021

एम्स ने मनाया 66 वां स्थापना दिवस 
 

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल और शोध संस्थान एम्स ने शनिवार को 66 वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया बतौर मुख्य अथिति मौजूद थे। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार और एम्स निदेशक प्रो. रणदीप गुलेरिया मौजूद रहे।
स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने डिजिटल हेल्थ एंड मेडिकल एजुकेशन विषय पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

स्वास्थ्यकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एम्स स्वास्थ्य क्षेत्र का लाइटहाउस है। एम्स के उपचार पर लोगों का काफी भरोसा है। यही कारण है कि देश के अन्य हिस्सों से लोग यहां उपचार के लिए आते हैं। अन्य राज्यों में एम्स की स्थापना को लेकर मांग उठ रही है। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार 22 अन्य एम्स को स्थापित करने के प्रति गंभीर है और इसपर तेजी से काम किया जा रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए कहा कि पहली बारदेश के ऐसे प्रधानमंत्री मिले हैं जिन्होंने स्वास्थ्य को विकास के साथ जोड़ने की पहल की है। उन्होंने कहा कि देश में इस तरह की परंपरा पहले कभी नहीं थी। उन्होंने कहा कि इससे पहले स्वास्थ्य का दायरा सिर्फ उपचार तक ही माना जाता था।

उन्होंने कहा कि वह एम्स का निरीक्षण करने कभी बता कर आये तो कभी बिना बताए भी निरीक्षण कर गए। स्वास्थ्यकर्मियों और कर्मचारियों को उन्होंने सुझाव दिया कि उन्हें हर कार्य एम्स और देश की उन्नति के लिए करना है। उन्होंने कहा कि एम्स आज एक प्रतिष्ठित मुकाम पर है। ऐसे में सबको और बेहतर करने की कोशिश जारी रखनी होगी। यहां स्वच्छता से लेकर व्यवहार तक मे समन्वय होनी चाहिए।

अस्पताल में बाउंसर देखकर होती है तकलीफ : 
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जब वह किसी अस्पताल में जाते हैं, तब वहां बाउंसर की मौजूदगी देखकर उन्हें तकलीफ होती है। उन्होंने कहा कि यहां लोग अपना उपचार करवाने आते हैं, झगड़ा करने नहीं। हमें इस बात पर विचार करना चाहिए कि लोगों को गुस्सा क्यों आता है। यह भी देखना होगा कि कहीं न कहीं कमी हम में भी हो सकती हैं।  

एम्स निदेशक प्रो. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि हम संक्रमणकाल की तीसरी लहर की अवस्था मे हैं और इस चुनौती को निभाने के लिए लगातार प्रशिक्षण और क्षमता का निर्माण कर रहे हैं। पिछले 3 सालों में मेहनत और समर्पण का ही नतीजा है कि एम्स आज फिर से   देश में नंबर 1 मेडिकल कॉलेज के रूप में प्रतिष्ठित हुआ है।

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