Monday, Aug 15, 2022
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228 rare idols returned in 8 years due to the efforts of the prime minister: g. kishan reddy

प्रधानमंत्री के प्रयासों से लौटी 8 वर्ष में 228 दुर्लभ मूर्तियां : जी. किशन रेड्डी

  • Updated on 6/1/2022

नई दिल्ली। टीम डिजिटल। प्रधानमंत्री ने विश्व स्तर पर अपने संबंधों को काफी प्रगाढ़ किया है, यही वजह है कि मात्र 8 सालों में 228 दुर्लभ मूर्तियों की घर वापसी हुई है। जबकि साल 2013 से पहले मात्र 13 मूर्तियां ही भारत वापस आ पाईं थीं। आज हम तमिलनाडु सरकार को आस्ट्रेलिया व संयुक्त राज्य अमरीका से लाई गईं 10 पुरावशेषों को वापस दे रहे हैं जोकि तमिलनाडु की संपत्तियां हैं और चोरी कर बाहर ले जाई गईं थीं। उक्त बातें केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी ने आईजीएनसीए में आयोजित मूर्ति हस्तांतरण कार्यक्रम के दौरान कहीं। इस दौरान संस्कृति और विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी, संस्कृति मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी एवं सूचना प्रसांरण राज्यमंत्री डॉ. एल मुरूगन, एएसआई महानिदेशक वी. विद्यावती व संस्कृति सचिव गोविंद मोहन भी मौजूद रहे।
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सभी मूर्तियां 10वीं से 12वीं शताब्दी के बीच की हैं
बता दें कि कांस्य व पत्थर से निर्मित ये दस पुरावशेष 10वीं से 12वीं शताब्दी के बीच के हैं। इन 10 मूर्तिकला रत्नों में दो द्वारपाल, कांस्य का एक नटराज, 11वीं शताब्दी के नंदिकेश्वर की कलाकृति, 12वीं शताब्छी के चार बाहु विष्णु, 10वीं-12वीं शताब्दी इसवीं की देवी, 12वीं शताब्दी इसवीं की शिव-पार्वती और बाल संबंदर की दो मूर्तियां है, जिनमें खड़ी और एक उल्लासपूर्ण नृत्य मुद्रा में शामिल है। इन 10 पुरावशेषों में से 4 यानि 2 द्वारपाल और संत संबंदर की दो मूर्तियां साल 2020 व 2022 में आस्ट्रेलिया से वापस लाई गईं थीं बाकी की 6 मूर्तियां पिछले कुछ वर्षों में संयुक्त राज्य अमरीका से वापस लाई गई हैं। ये सभी मूर्तियां तमिलनाडु के इतिहास में चोल और विजयनगर काल से संबंधित हैं। चोल काल की 8 मूर्तियां कांसे से बनाई गई हैं जोकि शिल्प कौशल और धातु विज्ञान में प्रतिभा प्रदर्शित करती है, जबकि दो अन्य को विजयनगर काल के दौरान पत्थर पर शानदार ढंग से तराशा गया है। इनमें से एक मूर्ति जोकि करीब 330 किलो की थी उसे सीधे चेन्नई भेज दिया गया है। इस दौरान एक डाक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई, जिसमें मूर्तियों का अवलोकन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिखाया गया था। इसके अलावा ब्रिंगिग बैक अवर हेरिटेज : रिटर्न ऑफ तमिलनाडु एंटिक्यूटिज का लोकार्पण भी किया गया।

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