Sunday, Apr 05, 2020
3 lakhs cases pending due to lawyers strike in delhi

वकीलों की हड़ताल का बड़ा असर- तीन दिन में एक लाख से ज्यादा मामले हुए पेंडिंग

  • Updated on 11/7/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। राजधानी दिल्ली (Delhi) में पुलिस और वकीलों (Lawyers) के बीच चल रहे विवाद से जनता को बहुत नुकसान झेलना पड़ रहा है। तीन दिनों से चल रही वकीलों की हड़ताल (Strike) के कारण एक लाख से ज्यादा मामलों की सुनवाी नहीं हो सकी है। यदि हालात ऐसे रहे तो पेंडिंग होते मामलों का ये आंकड़ा बढ़ भी सकता है। 

जहां से दिल्ली पुलिस (Delhi Police) और वकीलों के बीच ये विवाद शुरू हुआ उस तीस हजारी कोर्ट में ही 40 हजार से ज्यादा मामले पेंडिंग हो गए हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि दिल्ली में कुल 6 जिला न्यायालय हैं। इन जिला न्यायालयों में लगभग 400 कोर्ट रूम हैं, जहां हर कोर्ट में  लगभग 80 से 100 मामलों की सुनवाई होती है। 

दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने खत लिखकर पुलिस वालों से की ये अपील

तीन दिनों की हड़ताल में लगभग 1 लाख मामले पेंडिंग
इस प्रकार अनुमान लगाया जाए तो पिछले तीन दिनों की हड़ताल के चलते लगभग 1 लाख से ज्यादा मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी है। न्यायधीशों ने वकीलों की हड़ताल को देखते हुए हर केस में सुनवाई के लिए आगे की तारीख मुकर्रर कर दी है। 

वकीलों की हड़ताल के कारण आपराधिक मामलों के तहत दिल्ली की जेलों में बंद विचाराधीन कैदियों की रिमांड पर सुनवाई के लिए मजिस्ट्रेटों की जेल में तैनाती की गई है। हड़ताल के दौरान कोर्ट परिसर में कैदियों की वैन लेजाना संभव नहीं है यही कारण है कि जेलों में ही कैदियों की रिमांड को लेकर सुनवाई हो रही है। 

पुलिस vs वकील फाइट: कुछ सुझावों के साथ हाई कोर्ट ने खारिज की दोनों याचिका

वकील और पुलिस के बीच अब शीत युद्ध शुरू
बता दें कि तीस हजारी हिंसा के बाद वकील और पुलिस के बीच अब शीत युद्ध शुरू हो गया है। इस मामले में जहां बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस के प्रदर्शन को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताते हुए ‘भारत के इतिहास में सबसे काला दिन’ कहा था। बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्र ने तीस हजारी में जितने भी पुलिसकर्मी शामिल थे उन्हें एक सप्ताह के भीतर गिरफ्तार करने की मांग की है। 

वहीं, तीस हजारी हिंसा को लेकर बुधवार को दिल्ली पुलिस की रिवीजन पिटीशन को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया, लेकिन हाईकोर्ट ने मामले में कहा कि साकेत कोर्ट के बाहर वकील की पिटाई मामले में पुलिस एफआईआर के लिए स्वतंत्र है।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.