Thursday, May 06, 2021
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32 और घोड़ों में ग्लैंडर्स की हुई पुष्टि, बाहरी घोड़ों पर लगा लगाम

  • Updated on 1/13/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली में घोड़ों की होने वाली लाइलाज बीमारी ग्लैंडर्स ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। 32 और घोड़ों में ग्लैंडर्स बीमारी का पता चला है। इससे पहले 8 घोड़ों में इस बीमारी का पता चला था। 32 और घोड़ों में ग्लैंडर्स बीमारी का पता चलने के बाद दिल्ली सरकार ने आज पूरे शहर को घोड़ों की गतिविधियों के लिहाज से निषिद्ध क्षेत्र के रूप में अधिसूचित करने का फैसला किया है।

दिल्ली को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद घोड़ों,गधों व खच्चरों आदि प्रजाति के पशुओं की दिल्ली से बाहर और दिल्ली में आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। पशुपालन मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस बाबत अगले एक-दो दिन में अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। बता दें कि घोड़ों में लाइलाज बीमारी ग्लैंडर्स के होने पर उन्हें मारने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचता है। 

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उन्होंने यहां बताया कि ग्लैंडर्स बीमारी की पहचान करने के लिए अब तक 2000 घोड़ों के रक्त के सैम्पल लिए गए। सैम्पल की जांच के लिए हिसार स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र में भेजा गया था। नई जांच रिपोर्ट में 32 और घोड़ों में ग्लैंडर्स बीमारी का पता चला है। इनके सैम्पल राजधानी के अलग-अलग इलाकों से उठाए गए थे। वहीं घोड़ों के सम्पर्क में रहने वाले लोगों के सैम्पल की भी जांच कराई गई है। लेकिन मनुष्यों में इस तरह का संक्रमण नहीं पाया गया है। 

संक्रमित घोड़ों को ठिकाने लगाने में अधिकारियों के छूटे पसीने

शुक्रवार शाम तक मिली सूचना के मुताबिक संक्रमित 32 घोड़े जो संक्रमण का शिकार हो गए हैं, उनको ठिकाने नहीं लगाया जा सका था। संक्रमित घोड़ों को यूथेनेसिया (एक प्रकार का जहर) देने में ही अधिकारी घबरा रहे हैं। इसके लिए सरकार से अनुमति लेने की कवायद चल रही है। कहा जा रहा है कि सरकारी मंजूरी मिलने के बाद ही अब घोड़ों को मारा जाएगा। विशेषज्ञों की मानें तो संक्रमित पशुओं को ठिकाने लगाने के अतिरिक्त कोई और विकल्प मौजूद नहीं है।

जानवरों से इंसान में संक्रमण न फैले इसके लिए मजबूरी में ही सही, लेकिन कठोर कदम उठाने पड़ेंगे।  पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. जितेंद्र गौड़ ने बताया कि 2000 घोड़ों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिसमें से एक हजार की रिपोर्ट विभाग को मिल गई है। जिसमें 32 घोड़ों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इन घोड़ों को अलग कर दिया गया है।

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शुक्रवार को एमसीडी, दिल्ली पुलिस और एनडीएमसी अधिकारियों ने इस मुद्दे को लेकर बैठक भी की। इसमें सभी विभागों को आपसी सहयोग करने पर जोर दिया गया। मौजूदा स्थिति को देखते हुए गणतंत्र दिवस परेड में घोड़ों को शामिल करने को लेकर संशय बना हुआ है।

सनद रहे कि बीते महीने राजा गार्डन स्थित संजय गांधी पशु चिकित्सालय में एक साथ सात घोड़ों में जानलेवा संक्रमण ग्लेंडर्स के लक्षण पाए गए थे। हिसार स्थित राष्ट्रीय प्रयोगशाला में जांच के बाद संक्रमण की पुष्टि होने के बाद संक्रमित घोड़ों को यूथेनेसिया देकर दफना दिया गया था। इसके ठीक पांच दिनों के बाद एक और घोड़ा संक्रमित पाया गया। कुछ दिनों के बाद एक बार फिर एक साथ 32 घोड़ों में संक्रमण होने की पुष्टि हुई। 

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