Thursday, Aug 18, 2022
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वीरवार को आईं 4 फ्लाइट, जानिए स्वदेश लौटे छात्रों की आपबीती

  • Updated on 3/3/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। यूक्रेन से भारतीय छात्रों को लाने के लिए चलाया जा रहे ऑपरेशन गंगा के तहत वीरवार को 4 फ्लाइट करीब 8 सौ छात्रों को लेकर हिंडन एयरबेस उतरीं।  भारतीय वायु सेना ने कहा कि रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट, हंगरी के बुडापेस्ट और पोलिश शहर रेजज़़ो से 798 भारतीयों के साथ उसकी चार उड़ानें गुरुवार सुबह हिंडन एयरबेस पर उतरीं। बुखारेस्ट से 200 लोगों को लेकर इसकी पहली उड़ान 1.30 बजे उतरी। दूसरी उड़ान गुरुवार सुबह करीब सवा 5 बजे बुडापेस्ट से 210 भारतीयों को वापस लेकर आई। दूसरे के थोड़ी देर बाद करीब 7 बजे तीसरी निकासी उड़ान 208 भारतीयों के साथ रेजज़़ो से एयरबेस पर पहुंची। वहीं चौथी फ्लाइट 180 यात्रियों के साथ सवा 8 बजे हिंडन एयरबेस पहुंची।  

रक्षा राज्यमंत्री ने किया स्वागत 
देश लौट रहे छात्रों का स्वागत करने के लिए रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट हिंडन एयरबेस पहुंचे और छात्रों का स्वागत किया। इस दौरान कुल 4 फ्लाइट में 798 छात्र स्वदेश लौटे और अपने गंतव्यों के लिए रवाना हुए। 

गाजियाबाद के तीन और छात्र लौटे 
वीरवार को गाजियाबाद के तीन और छात्र वापस लौटे। जिसमें टीला शाहबाजपुर के अमन मावी, पूर्वी जवाहर नगर निवासी शोएब व शिवम पांचाल शामिल थे। परिजन अपने बच्चों की घर वापसी से काफी भावुक नजर आए। उन्होंने सरकार के प्रयासों की सराहना की। 

छात्र बोले बम के धमाकों से दहल जाता था दिल
पूर्वी जवाहर नगर कालोनी निवासी शोएब बुधवार देर रात वायु सेना के जहाज से हिंडन एयरबेस पर उतरे। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने पर की जगह जगह बम गिरने लगे। बम के धमाकों से दिल सहम रहा था। जान बचाकर किसी तरह साथियों के रोमानिया में प्रवेश किया। टीला शहबाजपुर गांव निवासी अमन मावी कीव में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए थे। हालात बिगडऩे पर भारतीय दूतावास के निर्देश पर 25 फरवरी का टिकट बुक कराया था।  24 फरवरी को युद्ध शुरू होने पर फ्लाइट रद हो गई। किसी तरह साथियों के साथ पोलैंड पहुंचे। जहां भरतीय दूतावास ने ठहरने वा खाने पीने का इंतजाम किया हुआ था। तीन मार्च को भारतीय वायु सेना के हवाई जहाज द्वारा देर रात हिंडन एयरबेस पर उतरे। 
 

शिवम के लिए मसीहा बने सोनू सूद 

शिवम पांचाल इवानो में एमबीबीएस के चौथे वर्ष के छात्र ने बताया कि युद्ध की आशंका के चलते 24 फरवरी को कीव से भारत आने के लिए फ्लाइट बुक करा ली थी। कीव एयरपोर्ट पहुंचने पर अचानक बम के धमाके हुए तो पता चला कि युद्ध शुरू हो चुका है। रूस की सेना द्वारा एयरपोर्ट के पास बमबारी की गई थी। जिसके बाद कीव स्थित इंडियन एंबेसी पहुचे, और चार दिन वहां रहे। 28 फरवरी को यूक्रेन छोड़ने के लिए कीव रेलवे स्टेशन पहुंचे। करीब सौ बच्चों के साथ मेट्रो में बैठकर देर रात लुतस्क पहुंचे। यहां दो यूक्रेन पुलिस कर्मियों ने बच्चों के साथ पूरी रात बिताई। किसी तरह भारतीय अभिनेता सोनू सूद से संपर्क हुआ। जिसके बाद लवीव पहुंचे यहां अभिनेता ने टैक्सी के लिए दस हजार रुपये की सहायता की। गलती से रावा रूस बार्डर पर पहुंच गए तो अभिनेता ने एंबेसी के अधिकारियों से वार्ता कर पाेलैंड तक पहुंचने में मदद की। जहां से 2 फरवरी की रात भरतीय वासू सेना के विमान द्वारा तीन मार्च को सुबह हिंडन एयरपोर्ट पर उतरे।

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