Tuesday, Dec 07, 2021
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नौकरी गई तो भीख मांगने को मजबूर हुए 450 भारतीय, सऊदी प्रशासन ने डिटेंशन सेंटर भेजा

  • Updated on 9/19/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना काल में दुनियाभर में करोड़ों लोगों ने अपनी नौकरियां खो दीं। भारत में भी इसका बड़ा असर देखने को मिला और करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए। दूसरे देशों में रह रहे भारतीयों के पास भी नौकरियां नहीं रहीं, हालात ऐसे बन गए कि लोगों को भीख मांगने पर मजबूर होना पड़ा। 

दरअसल, सऊदी अरब में रह थे 450 भारतीय श्रमिकों के पास कोरोना काल में रोजगार नहीं रहा तो उन्होंने सड़कों पर भीख मांगना शुरू कर दिया। सड़कों पर भीख मांगता देख प्रशासन ने उन्हें डिटेंशन सेंटर भेज दिया। 

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इस बारे में टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, सड़कों पर भीख मांग रहे इन भारतीयों में से अधिकतर की कार्य परमिट की समय-सीमा खत्म हो गई थी। जिसके कारण वो मजबूरन भीख मांग रहे थे।

रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी श्रमिक उत्तर प्रदेश, कश्मीर, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश,  कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र के है। इन श्रमिकों का एक वीडियो भी समाने आया है जिसमें वो ये कहते देखे जा सकते हैं कि उनका एक मात्र गुनाह भीख मांगना है जिसके कारण उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजा गया है। बताया जा रहा है कि ये सभी भारतीय जेद्दा के शुमासी डिटेंशन सेंटर भेजे गए हैं।

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बताया जा रहा है कि इस डिटेंशन सेंटर में 39 लोग उत्तर प्रदेश से, 10 बिहार से, पांच तेलंगाना से, कर्नाटक और प्रदेश से चार-चार श्रमिक फंसे हुए हैं। इनमें से कई मजदूर पूरी तरह से निराश हो चुके हैं और हताश हो कर बैठ गए हैं जबकि कुछ ने भी हिम्मत नहीं हारी है और उन्होंने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सऊदी अरब में भारतीय राजदूत औसाफ सईद को पत्र लिखा है। 

इस पत्र में भारतीय श्रमिकों की दुर्दशा के बारे में लिखा गया है और आग्रह किया गया है कि उन्हें जल्द वापस भारत बुला लिया जाए।

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