Thursday, Apr 02, 2020
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भविष्य में मिलने वाली कारों में देखने को नहीं मिलेंगे ये 5 फीचर्स

  • Updated on 3/24/2020

नई दिल्ली/कारदेखो.कॉम। साल 1991 तक भारत एक मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में नहीं उभरा था। तब हमारी सड़कों पर दौड़ने वाली कारें काफी साधारण ही थी। उस समय मर्सिडीज़ कार अफोर्ड करने वालों के लिए आकर्षक डोर हैंडल, हार्ड विंडिंग विंडो क्रैंक्स और कैसेट प्लेयर जैसे फीचर्स ही लग्जरी हुआ करते थे। वहीं, उस समय लोगों ने एयरबैग और एबीएस जैसे सेफ्टी फीचर्स के बारे में सुना तक नहीं था।

साल 2000 आते-आते कारों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। मास मार्केट कारों में ग्राहकों को पावर विंडो, एयरकंडीशन और पावर स्टीयरिंग जैसे फीचर्स का ऑप्शन दिया जाने लगा। पिछले दशक तक लग्ज़री कारों में दिए जाने वाले फीचर्स अफोर्डेबल कारों में भी दिए जाने शुरू हो गए जिसके बाद में कारों का स्वरूप ही बदलने लगा।

उदाहरण के तौर पर किया सेल्टोस (Kia Seltos) को ही लें तो कुछ साल पहले तक इसमें दिए गए कई फीचर्स के बारे में कभी किसी ने सुना ही नहीं था। इनमें एयर प्योरिफायर, हेडअप डिस्प्ले, 360 डिग्री पार्किंग कैमरा, मल्टी कलर साउंड मूड लाइटिंग और बोस का ऑडियो सिस्टम जैसे फीचर्स शामिल हैं। चूंकि अब ज़माना आगे बढ़ रहा है, ऐसे में कारों की बेसिक फीचर लिस्ट अपग्रेड हो रही है जिनमें से कुछ फीचर्स तो अब बिल्कुल ही देखने को नहीं मिलेंगे, तो कौनसे हैं वो फीचर्स ये जानेंगे आगे:-

कार की चाबी
पहले चाबी गुम हो जाना या कार में ही लगे रह जाने जैसी समस्या से इंसान काफी परेशान रहता था, पर अब जल्द ही ये समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। उदाहरण के तौर पर नई हुंडई एलांट्रा (New Hyundai Elantra) में स्मार्टफोन पर बेस्ड डिजिटल-की (Digital Key) का फीचर दिया गया है।

जो एनएफसी यानी नियर फील्ड कम्यूनिकेशन और ब्लूटूथ के ज़रिए काम करती है। कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी से लैस कारों को स्मार्टफोन या स्मार्टवॉच के ज़रिए कार को लॉक/अनलॉक किया जा सकता है जिससे चाबी की जरूरत ही नहीं पड़ती है।

रूफ एं​टीना
पुरानी कारों में पतला सा एंटीना दिया जाता था जिनकी जगह अब शार्क फिन यानी मछली के पर जैसा दिखने वाला स्टाइलिश एंटीना दिया जाने लगा है।

बहुत जल्द ही कंपनियां शार्क फिन एंटीना भी देना बंद कर देगी और उसकी जगह विंडशील्ड पर ही ये फीचर देखने को मिल सकता है।

गियर लिवर
यदि आपके पास पेट्रोल इंजन वाली कार है तो आप उसमें दिए गए ​गियर लिवर के शिफ्ट्स के अहसास से बखूबी परिचित होंगे। मगर, अब ग्राहकों को ज्यादा कंफर्टेबल ऑटोमैटिक कारें पसंद आ रही है जिसे ध्यान में रखते हुए कंपनियां ज्यादातर ऑटोमैटिक वेरिएंट्स का प्रोडक्शन कर रही हैं। जहां तक ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का सवाल है, उसमें दी गई स्टिक केवल विभिन्न ड्राइविंग मोड्स पर चेंज करने के ही काम आती है। कुछ कंपनियों ने तो स्टिक के बदले रोटरी डायल या साधारण बटन ही देना शुरू कर दिया है।

बटन
काफी कंपनियां कारों के डैशबोर्ड पर कम से कम बटन देने का प्रयास कर रही हैं। इनकी जगह या तो सॉफ्ट बटन दिए जा रहे हैं या फिर कंट्रोल्स टचस्क्रीन पर ही दे दिए गए हैं। उदाहरण के तौर पर एमजी हेक्टर (MG Hector) में 10.40 इंच की टचस्क्रीन दी गई है जिसमें एयरकंडीशनिंग, सनरूफ, म्यूज़िक जैसे फीचर्स को कंट्रोल किया जा सकता है।

हैंडब्रेक
जल्द ही कारों में हैंडब्रेक की जगह इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक का फीचर देखने को मिल सकता है। 2020 हुंडई क्रेटा (2020 Hyundai Creta) में भी यह फीचर दिया गया है। इसमें हर ब्रेक कैलिपर पर लगी मोटर की मदद से इलेक्ट्रिकली डिस्क ब्रेक पर दबाव बनाया जाता है और इलेक्ट्रिकली ही यह दबाव हट भी जाता है ।

 

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