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5 judges profile of supreme court who gave ayodhya case verdict

Ayodhya Verdict: जानें, उन 5 जजों के बारे में जिन्होंने दिया ये ऐतिहासिक फैसला

  • Updated on 11/9/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अपना फैसला सुना दिया। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के नेतृत्व में बनी पांच जजों की बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन का मालिकाना हक राम जन्मभूमि न्यास को दिया है।

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों के ऐतिहासिक फैसले पर देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई थी। पिछले महीने 16 अक्टूबर को मामले पर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) की अगुवाई में 5 जजों की पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट में 40 दिनों तक सुनवाई चलने के बाद अब फैसला सुनाया गया है।

Live: अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसलाः विवादित जगह राम जन्मभूमि न्यास को दी गई

अयोध्या मामले पर ऐतिहासिक फैसला देने वाले 5 जजों की पीठ में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi), न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे (Sharad Arvind Bobde), न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ (D Y. Chandrachud), न्यायमूर्ति अशोक भूषण (Ashok Bhushan) और न्यायमूर्ति एस अब्दूल नजीर (S. Abdul Nazeer) हैं। आइए जानते हैं इन 5 जजों के बारे में जिन्होंने दिया ये ऐतिहासिक फैसला।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई

- रंजन गोगोई का जन्म 18 नवंबर 1954 में हुआ था, वे पूर्वोत्तर राज्य से ताल्लुक रखने वाले भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश हैं।

- 1978 में रंजन गोगोई ने बार काउंसिल की सदस्ता ग्रहण की, गोगोई के वकालत का अधिकांश समय गुवाहाटी हाईकोर्ट में बीता।

- गोगोई पंजाब और हरियाण उच्च न्यायालाय के मुख्य न्यायाधीश रहे, उसके बाद 2012 में वो बतौर न्यायाधीश उच्चतम न्यायालय में कार्यरत रहे।

- रंजन गोगोई के पिता केशब चंद्र गोगोई 1982 में असम राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

- 3 अक्टूबर 2018 को दीपक मिश्रा के सेवा निवृत्त के बाद उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश के रुप में शपथ लिया।

- 18 नवंबर 2019 को गोगोई सेवानिवृत्त होंगे।

न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे

- बोबडे का जन्म 24 अप्रैल 1956 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था, उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से बी.ए. और एलएलबी किया।

- 1978 में वो महाराष्ट्र बार काउंसिल के सदस्य बने और लगभग 21 वर्षों तक बंबई हाईकोर्ट में वकालत की।

- 2012 में बोबडे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए।

- 2013 में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किए गए।

- बोबडे रंजन गोगोई के सेवानिवृत्ति के बाद भारत के अगले व 47वें मुख्य न्यायाधीश होंगे।

न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़

- यशवंत चंद्रचूड़ का जन्म 11 नवंबर 1959 को हुआ था, उन्होंने नई दिल्ली के सेंट स्टेफंस कॉलेज से बी.ए. और दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की।

- हार्वर्ड लॉ स्कूल, अमेरिका से जूडिशियल साइंसेंज में एलएलएम और डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की और दुनिया भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों में बतौर व्याख्यान और विजिटिंग प्रोफेसर कार्यरत रहे।

- 1998 में बंबई हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर वकालत की और 1998 में अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल नियुक्त किए गए।

- 2013 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश और 2016 में सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किए गए।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण

- अशोक भूषण का जन्म 5 जुलाई 1956 को हुआ था, उन्होंने 1979 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से लॉ की पढ़ाई पूरी की।

- 1979 में बार काउंसिल के सदस्य बनें और इलाहाबाद हाईकोर्ट में उन्होंने वकालत की शुरुआत की।

- 2014 में केरल हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रुप में उन्हें नियुक्त किया गया और 2015 में केरल हाई कोर्ट में ही उन्होंने मुख्य न्यायाधीश के रुप में कार्यभार संभाला।

- 2016 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रुप में नियुक्त किया गया।

न्यायमूर्ति एस अब्दूल नजीर

- अब्दूल नजीर का जन्म 5 जनवरी 1958 को हुआ, उन्होंने मंगलुरु के एसडीएम लॉ कॉलेज से लॉ की डिग्री प्राप्त की।

- 1983 में एक वकील के रुप में उन्होंने दाखिला लिया और बेंगलुरु में कर्नाटक उच्च न्यायालय में अभ्यास किया।

- 2003 में उन्हें कर्नाटक हाईकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 2017 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत दिया गया।

 

 

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