Wednesday, Nov 20, 2019
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सिंगापुर से लौटते ही आपदा प्रबंधन की समीक्षा, 52 लोगों की बारिश और भूस्खलन से हो चुकी है मौत

  • Updated on 9/5/2018

देहरादून/ब्यूरो। मानसून सीजन में उत्तराखंड में अब तक बारिश और भू स्खलन से 52 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। कई घर बारिश की भेंट चढ़ चुके हैं। केन्द्र सरकार की ओर से जारी आंकड़ों से उत्तराखंड सरकार में हड़कंप मचा हुआ है। 

सिंगापुर से वापस लौटते ही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में आला नौकरशाहों के साथ आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों की समीक्षा की है और सभी जिलों के डीएम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये क्षेत्र के हालात और प्रशासन की ओर से किये गये उपायों की जानकारी ली है। इसके साथ ही आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत देने के निर्देश दिये हैं।

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वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को आश्वस्त किया कि आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिये धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। त्वरित राहत हेतु सभी जिलाधिकारियों को अब तक कुल 77 करोड़ रुपए की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। सड़कों के त्वरित मरम्मत के लिए 16 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में सतर्कता बरतने और आपदा प्रंबधन तंत्र को प्रभावी बनाए रखने के साथ ही आपदा आपातकालीन केंद्रों को 24 घंटे क्रियाशील रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य आपातकालीन केंद्र से सभी जिले निरन्तर सम्पर्क में रहें। किसी भी आपातकालीन घटना की सूचना अविलम्ब शासन को भेजी जाए। 

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उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपस में समन्वय बना कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा के दौरान संक्रमण से फैलने वाली बीमारियों की सम्भावना का आंकलन कर इससे बचने के लिए आवश्यक तैयारियों पूरा करने के साथ ही पशुओं में होने वाले रोगों की सम्भावना और इससे बचने के उपायों एवं आवश्यक तैयारियों को पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि राज्य में मानसून अवधि में प्राकृतिक आपदाओं के कारण 52 लोगों की मृत्य, 07 लोग घायल एवं 06 लोग लापता हैं। आपदा से प्रदेश भर में 119 बड़े पशु एवं 388 छोटे पशुओं की हानि हुयी है।

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