Saturday, Jul 20, 2019

चमकी बुखार: गया में एक सप्ताह में 6 बच्चों की मौत, पटना में उठी स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग

  • Updated on 7/9/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बिहार (Bihar) में एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) या चमकी बुखार (Chamki Bukhar) का कहर थमता नजर नहीं आ रहा है। अब बिहार के गया में स्थित अनुराग नारायाण मगध मेडिगकल कॉलेज में 6 बच्चों के मरने की खबर आ रही है। वहीं, दूसरी ओर पटना में विपक्षी दलों ने राज्य सरकार के खिलाफ विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

अनुराग नारायाण मगध मेडिगकल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट डॉक्टर वी के प्रसाद का कहना है कि 02 जुलाई से अस्पताल में 22 बच्चों को दाखिल किया गया है, जिनमें से 6 की मौत हो गई है। इसी के साथ राज्य सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों के विधायक विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।

वहीं, सुपरिटेंडेंट का कहना है कि बच्चों की मौत का कारण चमकी बुखार हो सकता है। हालांकि, इस बात की अभी तक पुष्टी नहीं हो पाई है कि बच्चों की मौत किस कारण हुई है। बच्चों के जांच की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। फिलहाल उनक इलाज जारी है। 

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लोगों ने किया प्रदर्शन

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले सहित करीब 20 जिलों में चमकी बुखार या एक्यूट इंसेलाइटिस सिंड्रोम (AES) बीमारी से बच्चों के मरने का सिलसिला जारी है। इस बीच वैशाली जिले के AES प्रभावित हरिवंशपुर गांव के लोगों ने बच्चों की मौत और पेयजल की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने गांव के लोगों के खिलाफ भगवानपुर थाने में मामला दर्ज कर दिया।

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अब तक 150 से ज्यादा बच्चों की मौत

बता दें कि 15 साल तक की उम्र के बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं और मरने वाले बच्चों में से अधिकांश की उम्र एक से सात साल के बीच है। बिहार में AES या चमकी बुखार से बीते 1-2 माह में 150 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा बच्चों की मौत बिहार के मुजफ्फरपुर में हुई है। बच्चों की मौत के बाद से विपक्षियों ने राज्य और केंद्र सरकार को जम कर घेरा। 

 

 

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