Monday, Jan 20, 2020
7 punjabi stranded in iraq returned home read full story

ईराक में फंसे 7 पंजाबी स्वदेश लौटे, पढ़ें पूरी खबर

  • Updated on 7/28/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। विदेश में नौकरी दिलाने के झांसे का शिकार हुए 7 पंजाबी युवक केंद्र सरकार के अथक प्रयासों के बाद इराक से आज स्वदेश लौटे आए। दिल्ली हवाई अड्डे पर परिजनों की अपने बच्चों को देखकर आंखें नम हो गईं, वहीं युवकों ने भी अपनी सरजमीं पर पांव रखने के बाद राहत की सांस ली। 

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इन युवकों में 5 फिल्लौर, एक फगवाड़ा और एक भुलत्थ का था। ये सभी एक महिला एजैंट नीलम रानी और उसके संबंधी राम लुभाया के विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने के झांसे का शिकार हुए थे। नीलम रानी इराक में ही रहती है।  एजैंटों ने इन युवकों को लगभग 8 माह पूर्व ईराक में एक कम्पनी में नौकरी दिलाई थी लेकिन एक माह बाद ही इन्हें निकाल दिया गया था और तभी से वे वहां बद्तर जिंदगी जी रहे थे।  युवकों की शिनाख्त फिल्लौर के छोकरां निवासी रणदीप, बलजीत, सौरव, संदीप और अट्टन गांव निवासी अमनदीप तथा फगवाड़ा की कौल्सर कालोनी निवासी कमलजीत और भुलत्थ के प्रभजोत सिंह के रूप में की गई है। 

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फिल्लौर के डी.एस.पी. देविंदर सिंह अत्री और फगवाड़ा के डी.एस.पी. मंजीत सिंह ने इन युवकों के स्वदेश लौटने की पुष्टि की और कहा कि ये सभी सुबह करीब 5 बजे दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे जहां परिजन इनका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। 

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इन्होंने बताया कि छोकरां गांव निवासी नीलम और लुभाया के खिलाफ पुलिस ने गत 30 मई को धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। बताया गया कि एजैंटों ने प्रत्येक युवक से ईराक भेजने के लिए अढाई-अढाई लाख रुपए लिए थे। 

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