Thursday, Aug 16, 2018

PM मोदी ने शेयर किए दस्तावेज, किस तरह 'करो या मरो' ने तेज की थी आजादी की मुहिम

  • Updated on 8/9/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश को आजादी दिलाने के लिए की कई देशभक्तों ने अपने प्राण त्यागे दिए थे। आजादी की क्रांतिकारी लड़ाई में 9 अगस्त का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है। आज ही के दिन महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन की शुरूआत की थी। इस बात को आज 76 साल पूरे हो गए है।

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महात्मा गांधी ने अंग्रेजों से देश को आजाद कराने के लिए करो या मरो का नारा दिया था। इस दिन को अगस्त क्रांति को तौर पर मनाया जाता है। इस आंदोलन ने देखते ही देखते ऐसा स्वरूप हासिल कर लिया कि अंग्रेजी सत्ता के दमन के सभी उपाय नाकाफी साबित होने लगे थे।

इस दिन को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औपनिवेशिक प्रशासकों द्वारा एक रिपोर्ट शेयर की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा की भारत छोड़ो आंदोलन के जरिए महात्मा गांधी ने किस तरह से अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी। इस आंदोलन के बाद देश को आजादी दिलाने की मुहिम और तेज हो गई थी। दस्तावेजों में 9 अगस्त का ब्योरा सामने रखते हुए इस दस्तावेज में शहरवार तरीके से बताया गया है कि कहां कौन सी घटना हुई और किसे गिरफ्तार किया गया। 

मुंबई सिटी में गांधी और वर्किंग कमिटी के सदस्यों को गिरफ्तार किए जाने की खबर है। यहां लोगों पर आंसू गैस के गोले भी दागे गए। 15 जगहों पर पुलिस ने फायरिंग की जिसमें 8 लोगों के मारे जाने और 44 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा अहमदाबाद में हड़ताल, पुलिस फायरिंग में एक की मौत की जानकारी है। पूना में छात्रों की भीड़ पर पुलिस फायरिंग हुई। जहां एक की मौत हो गई। सूरत के लिए सैनिकों को रवाना किए जाने की खबर है। 

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गिरफ्तार किए गए थे कई कांग्रेसी नेता

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दस्तावेज के मुताबिक यूपी में कांग्रेस के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया  लखनऊ इलाहाबाद में हड़ताल की कोशिश हुई। पंजाब के अमृतसर और अहमदाबाद में हड़ताल हुई। पंजाब के लाहौर और अमृतसर में भी बड़ी सभाएं हुई है। बिहार से राजेंद्र प्रसाद और दूसरे नेताओं को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा पीएम मोदी ने भारत छोड़ों आंदोलन में भाग लेनेवाले महिलाओं और पुरुषों को याद किया। 

ऐसे मिली थी देश को आजादी

जून 1944 में जब विश्व युद्ध समाप्ति की ओर था तो महात्‍मा गांधी को रिहा कर दिया गया। उसके बाद 1945 में ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सरकार बनी। यह सरकार भारतीय स्वतंत्रता के पक्ष में थी। 1946 में अंतरिम सरकार का गठन हुआ। फरवरी 1947 में वावेल की जगह लॉर्ड माउंटबेटन को वायसराय नियुक्त किया गया। उन्‍होंने आते ही सत्‍ता हस्‍तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी और औपचारिक सत्ता हस्तांतरण के लिए 15 अगस्त का दिन नियत किया गया. नतीजतन 15 अगस्‍त, 1947 को देश आजाद हुआ।

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