Saturday, Jan 22, 2022
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85 million production is still decreasing every month in serum bharat biotech prshnt

सीरम- भारत बायोटेक में हर महीने 8.5 करोड़ वैक्‍सीन का उत्पादन, फिर भी हो रही कमी!

  • Updated on 5/24/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश में कोरोना के दूसरे लहर का कहर अब कम होने लगा है। संक्रमण के मामलों में गिरावट आई है, लेकिन अब भी एक्टिव मामलों की संख्या चिंता जनक है। ऐसे में कोरोना को हराने के लिए बड़े सेतर पर टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन हाल ही में जारी रिपोर्ट्स के अनुसार देश के कई हिस्सों में वैक्सीन की कमी के कारण इस अभियान में बाधा आने लगी है। 

इसका कारण सरकारी वैक्‍सीन बनाने वाली कंपनियों को बताया जा रहा है, जिसके आकड़े बताते हैं कि भारत हर दिन करीब 27 लाख वैक्‍सीन डोज बना रहा है। वहीं मई के शुरुआती तीन हफ्तों में रोजाना औसतन 16.2 लाख डोज ही लगी है।

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अप्रैल में 2 करोड़ डोज का हुआ उत्पादन
हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार मई की शुरुआत में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी थी कि हर महीने सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया अपनी वैक्‍सीन कोविशील्‍ड के  6.5 करोड़ डोज का उत्पादन कर रहा है। जबकि भारत बायोटेक कोवैक्‍सिन के 2 करोड़ डोज हर महीने बना रहा है और इसे जुलाई के अंत तक 5.5 करोड़ डोज करना है। इसके अलावा सीरम इंस्‍टीट्यूट ने खुद कई बार कहा है कि कंपनी वैक्‍सीन उत्‍पादन 6 से 7 करोड़ डोज प्रति महीने करती है। वहीं भारत बायोटेक की सीएमडी भी कह चुकी हैं कि कंपनी अप्रैल में 2 करोड़ डोज बना रही है और मई में यह 3 करोड़ डोज बनाएगी। बावजूद इसके कई राज्यों से वैक्सीन की कमी की बात सामने आई है।

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा ये
बता दें कि देश में फैले कोरोना वायरस की रफ्तार को रोकने के लिए चलाई गई वैक्सीनेशन प्रकिया में एक बार फिर से कुछ बदलाव किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के नए आदेशानुसार अब 18 से 44 साल के आयु के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने की कोई जरूरत नहीं है। इस उम्र के लोग सीधे वैक्सीन सेंटर पर जाकर टीका लगवा सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबकि ऑनलाइन हो रही बुकिंग के कारण महीने के अंत में कई वैक्सीन बर्बाद हो रही थी क्योंकि कई लोग वक्त लेने के बाद भी वैक्सीन सेंटर पर नहीं पहुंच रहे थे। इसलिए ही मंत्रालय ने अब 18 से 44 साल के उम्र के लोगों के लिए इस सेवा की शुरुआत की है।  

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इसलिए बदला गया नियम
आपको बता दें कि हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ लोग वैक्सीन का स्लॉट तो बुक करा रहे थे लेकिन वैक्सीन लेने के लिए सेंटर पर नहीं पहुंच रहे थे। इसकी वजह से उस टाइम का स्लॉट खराब हो जाता था। ऐसे में हो रही असुविधा को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये कदम उठाया है। 

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