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9 IPS officers raise questions on investigation of Delhi riots KMBSNT

9 IPS अधिकारियों ने दिल्ली दंगों की जांच पर उठाए सवाल

  • Updated on 9/17/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली दंगों (Delhi Riots) में दायर चार्जशीट (Chargesheet) पर पुलिस (Delhi Police) के खुलासे से पूर्व आईपीएस अधिकारी (IPS Officers) खासे नाराज हैं। इसी संबंध में पूर्व आईपीएस अधिकारी जूलियो रिबेरो के बाद अब 9 आईपीएस अधिकारियों ने नई दिल्ली दंगों की जांच पर सवाल उठाते हुए पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है।

लिखे गए पत्र में अधिकारियों ने कहा है कि दंगों की जांच एकतरफा और त्रुटिपूर्ण है। यही नहीं जांच से ये साबित होता है कि पुलिस जांच नहीं बल्कि किसी के इशारे पर केवल और केवल आरोप पत्र दाखिल कर रही है।

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इन IPS अधिकारियों ने उठाए सवाल
पूर्व आईपीएस अधिकारी जूलियो रिबरो के बाद एनसीआरबी के पूर्व महानिदेशक शफी आलम, सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक के सलीम अली, पूर्व पुलिस महानिदेशक महिंद्रपाल औलख, प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व ओएसडी एएस दुलत्त, उत्तराखंड के पूर्व महानिदेशक आलोक बी पाल, कैबिनेट के पूर्व विशेष सचिव अमिताभ माथुर, सिक्किम के पूर्व पुलिस महानिदेशक अविनाश मोहनने, गुजरात के पूर्व पुलिस महानिदेशक के पीजीजे नाम्पूथिरी और पश्चिम बंगाल के पूर्व पुलिस महानिदेशक (खुफिया) एके समंता ने भी दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं।

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पत्र के जरिए अधिकारियों ने की यह टिप्पणीयां

  • अदालत में पेश की गई जांच रिपोर्ट और चालान व्यापक तौर पर पक्षपात पूर्ण और राजनीति से प्रेरित हैं।इससे उन सभी पुलिस अधिकारियों (सेवारत और सेवानिवृत्त) को दुख हुआ है जो कानून एवं हमारे संविधान के नियम को बनाए रखने में विश्वास करते हैं।
  • प्रवीण रंजन की रिपोर्ट का जिक्र किया और कहा अगर हिंदू युवाओं की गिरफ्तारी हुई तो समाज नाराज होगा, कैसे? जानकर दुख हुआ कि आपके विशेष आयुक्तों ने यह दावा करते हुए जांच को प्रभावित करने की कोशिश की कि कुछ हिंदू दंगाइयों को गिरफ्तारी से हिंदू समुदाय नाराज हो सकता है>
  • आखिर इन चार्जशीटों में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा, प्रवेश वर्मा और अनुराग ठाकुर का नाम कैसे नहीं है? दिल्ली पुलिस की ये जांच कथित कबूलनामें पर आधारित है जो पूरी तरह से निष्पक्ष जांच प्रक्रिया का उल्लंघन है। सीएए का विरोध करना संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की आजादी है।
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