Sunday, Apr 18, 2021
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a strategy will be made in sonipat today to give impetus to the peasant movement sohsnt

किसान आंदोलन को रफ्तार देने के लिए आज सोनीपत में बनेगी रणनीति, आगे क्या होगा प्लान?

  • Updated on 2/8/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के विरोध में जारी किसान आंदोलन आज 75वें दिन में प्रवेश कर गया है। नए कानूनों के मुद्दे पर किसान संगठनों और सरकार के बीच अभी तक कोई आम सहमति नहीं बन सकी है। ऐसे में किसान संगठन आज  हरियाणा के सोनीपत में एक बड़ी बैठक करने जा रहे हैं, जिसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी। 

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इन मुद्दों पर हो सकती है बातचीत
बता दें कि बीते 6 फरवरी को किसानों द्वारा किए गए पूरे भारत में चक्का जाम विफल साबित हुए। ऐसे में अब इस बैठक में इस बात पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा कि कैसे एक साथ पूरे देश में आंदोलन को खड़ा किया जाएगा,और सरकार के खिलाफ आवाज तेज की जाए। 

2 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम
वहीं दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार को 2 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा तबतक सरकार कृषि कानून को वापस करें। साथ ही MSP पर कानून लाए।  इसके साथ ही उन्होंने कहा 2 अक्टूर तक यदि सरकार हमारी बात नहीं मानती, तो यह आंदोलन देशभर में जाएगा। इसके लिये वे देश भर में भ्रमण करेंगे। सभी राज्यों का दौरा करके किसानों की समस्याओं को रखेंगे। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यदि सरकार बातचीत के लिये बुलाएगी तो वे चर्चा के लिये भी तैयार है।

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उन्होंने कहा कि दरअसल केंद्र सरकार यदि नोटिस भेजकर हम किसानों को डराना चाहती है तो यह नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को चटाहिये कि व्यापारियों की कुदृष्टि से हमारी जमीन को बचायें।उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी व्यक्त की सरकार को किसानों से ज्यादा व्यापारियों की चिंता है।

कृषि कानूनों के विरोध में किसान ने लगाई फांसी
उधर, बीते 74 दिन से कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। यहां आत्महत्या करने वाले किसानों की लिस्ट बढ़ती जा रही है। बीते शनिवार देर रात टिकरी बॉर्डर पर एक किसान ने तंग आकर फांसी लगाकर जान दे दी।

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आत्महत्या करने वाले किसान की पहचान हरियाणा के कर्मबीर के रूप में हुई है। उनकी उम्र 52 साल थी। वो हरियाणा के जींद जिले के सिंघवाल गांव के रहने वाले थे। शनिवार रात ही वो टिकरी बॉर्डर पहुंचे थे। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में सरकार द्वारा बार-बार दी जा रही तारीखों से तंग होने की बात लिखी है।

कर्मबीर ने सुसाइड नोट में लिखा है भारतीय किसान यूनियन जिंदाबाद। आगे उन्होंने लिखा है कि प्यारे किसान भाइयों ये मोदी सरकार तारीख पर तारीख दिए जा रही है, ये काले कानून कब रद्द होंगे ये पता नहीं। जब तक ये काले कानून रद्द नहीं होंगे तब तक हम यहां से नहीं जाएंगे। 

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