Thursday, Feb 02, 2023
-->
aap-engaged-in-strengthening-base-in-rajasthan-along-with-haryana-rkdsnt

पंजाब की सफलता के बाद हरियाणा के साथ राजस्थान में आधार मजबूत करने में जुटी AAP 

  • Updated on 3/20/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पंजाब विधानसभा चुनाव में मिली सफलता से उत्साहित आम आदमी पार्टी (आप) अब राजस्थान में अपना आधार मजबूत करने की योजना बना रही है। पार्टी नेताओं के अनुसार आप राजस्थान में संगठन को मजबूत करने के लिए यहां 26-27 मार्च को दो दिवसीय राज्य स्तरीय‘विजय उत्सव’सम्मेलन करेगी। इसमें पार्टी के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे। 

यशवंत सिन्हा बोले- चुनाव जीतने के मकसद से बन रही मोदी सरकार की आर्थिक नीतियां

आप के राज्य सह प्रभारी खेमचंद जागीरदार ने कहा, ‘‘पार्टी ने हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। राजस्थान पंजाब का पड़ोसी राज्य है और नई दिल्ली के करीब है, इसलिए राज्य में संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी 26 और 27 मार्च को दो दिवसीय राज्य सम्मेलन आयोजित कर रही है।’’ 

राउत बोले- ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर सियासत करने के बजाय POK को वापस ले भाजपा

उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियों को जमीनी स्तर पर आगे ले जाने और अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी की रणनीति पर चर्चा करने के लिए पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। राजस्थान में 2023 के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। 

मणिपुर के मुख्यमंत्री होंगे बीरेन सिंह,भाजपा ने फिर जताया भरोसा

जागीरदार ने कहा कि राजस्थान में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा जल्द की जाएगी।   पार्टी नेताओं ने कहा कि दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान द्वारका (दिल्ली) से आप के विधायक और पूर्व सांसद महाबल मिश्रा के बेटे विनय मिश्रा को राजस्थान की जिम्मेदारी दी जा सकती है। सांसद संजय सिंह नए चेहरे को पेश कर सकते हैं। 

केजरीवाल बोले- भगवंत मान ने सभी मंत्रियों के लिए तय किए हैं लक्ष्य, कस लो कमर

उन्होंने कहा कि पार्टी अगले महीने सर्वेक्षण शुरू करने जा रही है और राज्य में प्रमुख राजनीतिक दलों का विकल्प देने के लिए सदस्यता अभियान चला रही है।   उल्लेखनीय है कि आप ने 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनावों में राज्य की 200 सीटों में से 142 पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे। हालांकि उसके एक भी उम्मीदवार को सफलता नहीं मिली और उसे कुल मिलाकर 0.4 प्रतिशत वोट मिले। 

‘प्रसन्नता रिपोर्ट’ को लेकर राहुल गांधी का तंज- ‘घृणा और आक्रोश’ में शीर्ष पर पहुंच सकते हैं हम

comments

.
.
.
.
.