Saturday, Jul 31, 2021
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किसानों के मुद्दे पर फिर सदन में बोले संजय सिंह- दया करो और कृषि कानूनों को वापस लो

  • Updated on 2/4/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने एक बार फिर किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर मोदी सरकार (Modi Government) पर निशाना साधा है। संजय सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा (Rajya Sabha) में किसानों के मुद्दे पर चल रही कार्यवाही के दौरान मोदी सरकार से तीन नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग की। इसके साथ ही संजय सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि ये कानून किसानों के लिए नहीं बल्कि चार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए लाए गए हैं।

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सिंह ने कृषि कानून का बताया काला कानून
राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए आप सासंद संजय सिंह ने नए कृषि कानूनों को 'काला कानून' करार दिया। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के खिलाफ किसान पिछले 76 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और उन्हें 'आतंकवादी, गद्दार, खालिस्तानी' कह कर अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेता किसानों को अपमानित कर रहे हैं।

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आंदोलन के दौरान 165 किसानों की मौत
उन्होंने कहा कि सरकार और किसानों के बीच 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन वह असफल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि वह एक फोन कॉल पर बातचीत के लिए तैयार है, ऐसे में खुद सरकार को ही फोन कर पहल करनी चाहिए। सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान 165 किसानों की मौत हो चुकी है और कई वयोवृद्ध किसान भी आंदोलन में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को नए कानून समझ में आ गया है जिसमें असीमित भंडारण की छूट दी गयी है।

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चार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए लाए गए ये कानून
आप नेता ने दावा किया कि असीमित भंडारण की सुविधा देने से जमाखोरी और काला बाजारी को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार 130 करोड़ लोगों के लिए नहीं बल्कि चार पूंजीपतियों के लिए है जिनसे चंदा लेकर वे चुनाव लड़ते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसानों के इस आंदोलन का समर्थन करती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वे किसानों के लिए पानी और शौचालय आदि का इंतजाम कर रहे हैं लेकिन सरकार उन्हें रोक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले में हुई घटना के लिए भाजपा के कार्यकर्ता दोषी हैं।

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पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज का भी किया जिक्र
सिंह ने सवाल किया कि सरकार को किसानों के साथ क्या दुश्मनी है जो उसने प्रदर्शन स्थलों पर लंबी कीलें लगा दी हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार के 'जुल्म' के कारण एक किसान नेता रो पड़े। सिंह ने एक वरिष्ठ पत्रकार के खिलाफ दर्ज मुकदमे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार पत्रकारिता को दबाने का प्रयास कर रही है।

सिंह ने सत्ता पक्ष पर गलतबयानी करने का आरोप लगाते हुए दावा किया 'आप कहते हैं कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में जिन कृषि सुधारों का वादा किया था, उन्हें अब कानून की शक्ल देने के बाद वह इनका विरोध कर रही है। लेकिन असलियत कुछ और है। कांग्रेस (सरकार के कार्यकाल में प्रस्तावित) के कृषि सुधारों का उस समय भाजपा नेता अरुण जेटली और सुषमा स्वराज ने विरोध किया था।'

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राज्यसभा में हंगामा के बाद आप के तीनों सांसद निलंबित
आपको बता दें कि किसान आंदोलन और कृषि कानूनों को लेकर राज्यसभा में नारेबाजी और हंगामा करने के कारण सभापति ने आम आदमी पार्टी के तीनों सांसदों को बुधवार को दिनभर के लिए निलंबित कर दिया। बाद में उन्हें मार्शल के जरिए बाहर किया गया। सभापति एम. वेंकैया नायडू ने राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा के साथ ही बुधवार को किसान आंदोलन और कृषि कानूनों पर चर्चा की व्यवस्था दी थी। लेकिन सुबह सदन में शून्यकाल के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता ने किसानों के पक्ष में नारेबाजी करने लगे।

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सभापति की चेतावनी के बाद भी करते रहे हंगामा
सभापति नायडू ने उन्हें समझाते हुए कहा कि राष्ट्रपति अभिभाषण में अपनी बात रखें। इसके बाद भी तीनों आप सांसद नारेबाजी करते रहे। नायडू ने उन्हें सदन को सुचारू रूप से चलने देने की चेतावनी दी, फिर भी उनका हंगामा जारी रहा। इसके बाद नियम 255 के तहत नायडू ने तीनों आप सांसदों को पूरे दिन के लिए निलंबित कर उन्हें बाहर जाने को कह दिया। परंतु तीनों आप सांसद सभापति के निर्देश को न मानते हुए सदन में बने रहे। इस पर सभापति ने मार्शल बुलाकर तीनों को बाहर करा दिया।

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इस नियम के तहत किया गया निलंबित
दरअसल, आप सांसद संजय सिंह ने नियम 267 के तहत नोटिस देकर सभी काम स्थगित कर किसानों के मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी। लेकिन सभापति नायडू ने मंगलवार को ही साफ कर दिया था कि राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सदस्य किसान और कृषि कानूनों के मुद्दे पर भी अपनी बात कह सकते हैं। सुबह सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो आप सांसदों ने किसानों के मुद्दे पर अलग से चर्चा पर जोर दिया और नारेबाजी। सदन से निलंबित किए जाने पर आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि हम तीनों कानूनों को रद्द कराना चाहते हैं, क्योंकि वार्ता से किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा। इसी के चलते निलंबित किया गया।

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निलंबित किए जाने के बाद संजय सिंह ने किया ये दावा
राज्यसभा की कार्यवाही बाधित करने पर मार्शल की मदद से सदन से बाहर किये जाने के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने बुधवार को दावा किया कि कांग्रेस ने संसद में किसानों के मुद्दे को अलग से और आक्रामक तरीके से नहीं उठाने के लिए भाजपा के साथ पिछले दरवाजे से हाथ मिला लिया है। सिंह ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस को केंद्र द्वारा हाल ही में लागू विवादास्पद कृषि कानूनों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। 

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