Sunday, Mar 29, 2020
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BJP को मात देगा केजरीवाल का नया राष्ट्रवाद! पूरे देश में जनाधार बढ़ाने की तैयारी

  • Updated on 2/19/2020

नई दिल्ली/कामिनी बिष्ट। राष्ट्रवाद और राष्ट्र सुरक्षा के नाम पर देश की सबसे पुरानी और बड़ी पार्टी कांग्रेस (Congress) को धराशाई करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) को दिल्ली में पूरी ताकत झोंकने के बाद भी करारी हार का सामना करना पड़ा। दिल्ली जीतने के लिए खुद अमित शाह चुनावी कमान संभाले हुए थे। 200 से ज्यादा सांसद, बीजेपी के लगभग सभी मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेताओं ने दिल्ली में डेरा डाला हुआ था। इतनी बड़ी 'सेना' और राष्ट्र सुरक्षा का मुद्दा होने के बाद भी स्थानीय आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी को हरा दिया।

चुनाव से पहले दिल्ली में आम आदमी पार्टी का जनाधार बिल्कुल मजबूत नजर आ रहा था। कांग्रेस जहां कहीं नहीं दिख रही थी तो बीजेपी को भी 2-3 सीटें ही मिलती दिख रही थी। चुनाव से महज दो सप्ताह पहले दिल्ली की राजनीति ने एक अलग ही मोड़ ले लिया। काम के आधार पर वोट मांगने वाली आम आदमी पार्टी की जमीन हिलती दिखने लगी। इसका बड़ा कारण था दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के मुद्दे को बीजेपी द्वारा भुनाया जाना। बीजेपी ने विरोध प्रदर्शन करने वालों को गद्दार करार दिया, इसके साथ ही ये भी कहा गया कि आम आदमी पार्टी के समर्थन से ही ये लोग यहां बैठे हैं।

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बिजली-पानी के स्थान पर सांप्रदायिक मुद्दों पर चर्चा
अरविंद केजरीवाल को आतंकवादी तक कह दिया गया। दिल्ली की राजनीति जहां काम पर आधारित थी वो अब हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे पर केंद्रित हो गई। बीजेपी के फायरब्रांड हिंदूवादी नेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद दिल्ली मे आए हुए थे और जमकर हिंदुत्व का कार्ड खेल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी शाहीन बाग वालों को बिरयानी बांट रही है। मतदान के कुछ दिन पूर्व ही ईडी ने खुलासा किया कि आम आदमी पार्टी के नेताओं का पीएफआई से संपर्क है। इसके बाद सड़कों पर भी बिजली-पानी के स्थान पर शाहीन बाग की चर्चा सुनने को मिली। एक बार फिर बीजेपी राष्ट्रवाद के नाम पर दिल्ली में उभरती दिखने लगी। बिल्कुल उसी प्रकार जिस प्रकार 2019 के लोकसभा चुनाव में दिख रही थी।

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जब BJP करने लगी दिल्ली जीतने का दावा
2-3 सीटों पर सिमटती दिख रही बीजेपी दावा करने लगी की 48 सीट हासिल कर दिल्ली में सरकार बनाएगी। बीजेपी के इस पेंच में एक बार के लिए केजरीवाल भी फंसते नजर आए। इसके बाद जो हुआ वो दिल्ली की राजनीति के इतिहास में दर्ज हो गया। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ दिल्ली की सत्ता में आई आम आदमी पार्टी के मुखिया टीवी चैनल पर हनुमान चालिसा पढ़ते नजर आए। उन्होंने अपना एक नए प्रकार का राष्ट्रवाद इजात कर लिया। हिंदू-मुस्लिम और राष्ट्र सुरक्षा के इतर केजरीवाल ने देश के विकास को सच्चा राष्ट्रवाद बताया। वो मंदिर भी गए, तिलक भी लगाया और सबके सामने कहा कि मैं कट्टर हनुमान भक्त हूं।

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सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर केजरीवाल!
केजरीवाल का अचानक से सार्वजनिक रूप से खुद को हनुमान भक्त बताना और हनुमान चालिसा पढ़ने को बीजेपी के हिन्दुत्व की काट की तरह देखा जाने लगा। इसको सॉफ्ट हिंदुत्व का नाम दिया गया। 70 में से 62 सीटें हालिस करने के बाद जब दिल्ली की जनता का धन्यवाद करने केजरीवाल सामने आए तो उन्होंने सबसे पहले दिल्ली वालों से अपने प्यार का इजहार किया और उसके बाद उनको याद दिलाया कि आज मंगलवार है।

अब केजरीवाल अपने इस सॉफ्ट हिंदुत्व और विकास के सकारात्मक राष्ट्रवाद के नाम पर पूरे देश में आम आदमी पार्टी का जनाधार मजबूत करने के लिए कमद उठा चुके हैं। राष्ट्र निर्माण अभियान के तहत पूरे देश में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता केजरीवाल के विकास मॉडल और सकारात्मक राष्ट्रवाद को जन-जन तक पहुंचाने के लिए तैयार बैठे हैं। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि केजरीवाल का ये नया राष्ट्रवाद बीजेपी को राष्ट्रीय स्तर पर मात दे पाता है या नहीं।    

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