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कपिल मिश्रा ने केजरीवाल और विधानसभा अध्यक्ष को लिया आड़े हाथ

  • Updated on 7/17/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आम आदमी पार्टी के बागी नेता कपिल मिश्रा के हमले दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार पर लगातार तीखे होते जा रहे हैं। इसके लिए वह सोशल मीडिया का भरपूर सहारा ले रहे हैं। बता दें कि कपिल मिश्रा की विधायिकी इन दिनों खतरे में पड़ी हुई है। विधानसभा अध्यक्ष कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं। 

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कपिल मिश्रा पर आरोप है कि वह पार्टी विरोधियों गतिविधियों में शामिल होकर भाजपा को फायदा पहुंचाने में जुटे हैं। आप विधायक सौरभ भारद्वाज का आरोप है कि लोकसभा चुनाव में कपिल मिश्रा ने पीएम मोदी का प्रचार किया। इससे विधानसभा अध्यक्ष को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। 

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इसको लेकर कपिल मिश्रा आप सरकार और विधानसभा अध्यक्ष को आड़े हाथ ले रहे हैं। अपने ट्वीट में वह लिखते हैं, 'विधानसभा में खुली गुंडागर्दी - सुनवाई के दौरान स्पीकर ने मुझे बाहर फिंकवाने के लिए मार्शल बुलवाए, ऐसी सुनवाई में मार्शल बुलाने की देश में पहली घटना, मेरे किसी सवाल का केजरीवाल और अध्यक्ष के पास जवाब नहीं, अब हिंसा करके चुप करवाना चाहते हैं।' 

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इसके साथ ही कपिल मिश्रा ने फेसबुक पर भी अपनी पीड़ा को शेयर किया है। कपिल मिश्रा की दलील है कि सौरभ भारद्वाज की याचिका कानून के मुताबिक सुनने योग्य ही नहीं है। मिश्रा का कहना  है कि सौरभ भारद्वाज द्वारा झूठ बोला जा रहा हैं। कपिल मिश्रा ने कहा कि कोई व्यक्ति पार्टी विरोधी हैं या नहीं ये सुनने का काम पहले पार्टी नेतृत्व का हैं, अध्यक्ष किसी के पार्टी विरोधी होने का फ़ैसला नहीं कर सकतें।

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कपिल मिश्रा ने आज आम आदमी पार्टी के PAC के सभी सदस्यों को भी पत्र लिखकर भी मांग की थी कि उनके खिलाफ कोई भी अनुशानात्मक कार्यवाही हुई हैं तो उसका विवरण दिया जाए। अध्यक्ष महोदय ने किसी भी प्रकार का कोई भी जवाब सुनने से इनकार कर दिया।

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