Saturday, Apr 04, 2020
aap sanjay singh on jamia library videos of 15th december

अमित शाह के नेतृत्व में कानून व्यवस्था बिगड़ रही है, जामिया में पुलिस के लाठी चार्ज AAP सांसद

  • Updated on 2/18/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। 15 दिसंबर को जामिया (Jamia) में हुई हिंसा और लाइब्रेरी में पुलिस द्वारा किए गए लाठी चार्च को लेकर लगातार नए वीडियो सामने आ रहे हैं। वहीं इस विषय में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह (Sanjay singh) का कहना है कि इसमें दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की क्रूरता झलक रही है।  

संजय सिंह ने दिल्ली पुलिस के लाठी चार्ज करने पर कहा कि यह दिल्ली पुलिस की क्रूरता को दर्शाता है। यह कौन सा कानून है जिसके तहत आप एक पुस्तकालय और छात्रों पर लाठीचार्ज करते हैं? मैं कह रहा हूं कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अंडर कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है।

जामिया: छात्रों के हाथों में पत्थर वाले वीडियो देख BJP ने कांग्रेस पर लगाया ये आरोप

बीजेपी कांग्रेस पर साध रही निशाना
वहीं बीजेपी जामिया हिंसा को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रही है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कांग्रेस (Congress) द्वारा लगातार अराजक तत्वों का समर्थन किया जा रहा है। कांग्रेस ऐसे तत्वों के साथ तो अपनी संवेदना जताती है, लेकिन पुलिस बल के जवान जो विपरीत परिस्थितियों में भी देश को सुरक्षित रखने के लिए अपनी कुर्बानी देते हैं, कांग्रेस उनके खिलाफ सवाल उठाती है। 

अनुराग कश्यप ने शेयर किया #Jamia यूनिवर्सिटी में #DelhiPolice कार्रवाई का सन्न करने वाला नया #Video

बीजेपी का सवाल-हाथ में पत्थर लिए लोग कौन हैं
नरसिम्हा राव ने कहा कि जामिया घटना के संदर्भ में कल ही वायरल हो रहे कुछ वीडियो पर कहा कि जामिया यूनिवर्सिटी के कुछ विडियो मीडिया में चल रहे हैं। ये सभी वीडियो दिल्ली पुलिस के पास हैं और दिल्ली पुलिस इसकी जांच करेगी। लेकिन, वीडियो में कुछ चीजें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। वीडियो में छात्र नकाब पहने हैं, साथ ही, उनके हाथों में पत्थर भी दिखाई दे रहे हैं। जिन लोगों के हाथ में पत्थर दिखाई दे रहे हैं, वे आखिर कौन हैं? 

#viralvideo : जामिया लाइब्रेरी में लाठीचार्ज के वीडियो वायरल, दिल्ली पुलिस सवालों के घेरे में

'कांग्रेस को मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए'
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि वैसे भी जामिया के बाहर कितना शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था कि चार बसों में आग लगा दी गई, यह हम सभी जानते हैं। ऐसे कार्य छात्र नहीं कर सकते, ये असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों का काम है, इसलिए कांग्रेस को इस मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। राव ने कहा कि हमें यह ध्यान में रखने की जरूरत है कि जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुए हिंसात्मक प्रदर्शनों पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि हम अधिकारों का निर्धारण करेंगे लेकिन दंगे की हालातों में यह नहीं हो सकता है। आप छात्र हैं, इसलिए आपको हिंसा का अधिकार नहीं मिल जाता है।

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