Wednesday, Oct 05, 2022
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aap sanjay singh raises questions on foreign coal purchase will complain to cag-cbi

‘AAP’ ने पूछा- विदेश से अडानी का महंगा कोयला क्यों खरीद रही है मोदी सरकार?

  • Updated on 7/14/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारत में कोयले का उत्पादन बढऩे के बावजूद विदेश से महंगा कोयला खरीदे जाने पर सवाल उठाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि वह विदेशी कोयले को उत्तर प्रदेश में किसी भी जगह उतरने नहीं देगी। आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने यहां संवाददाता सम्मेलन में विदेशी कोयला खरीद पर सवाल खड़े करते हुए कहा, 'जब भारत में कोयले का उत्पादन 30 फीसदी बढ़ा है, तो विदेश से अडाणी का महंगा कोयला क्यों खरीदा जा रहा है।'

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 उन्होंने दावा किया कि भारत में घरेलू स्तर पर उत्पादित कोयले का मूल्य तीन हजार रुपये प्रति टन है, जबकि विदेश स्थित अडाणी की खदानों से निकलने वाले कोयले की कीमत 30 हजार रुपये प्रति टन है। घरेलू स्तर पर उत्पादन में वृद्धि होने के बावजूद विदेशी कोयला खरीद होने से देश के करोड़ों उपभोक्ताओं को दो रुपये प्रति यूनिट महंगी बिजली मिलेगी। सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस लूट की शिकायत नियंत्रक एवं लेखा महा परीक्षक (सीएजी) तथा सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से करेगी।  

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उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने ऐसी योजना बनाई है जिससे महंगाई दर पर कोयला सिर्फ अडाणी से ही खरीदा जाए। ऐसा करके हजारों करोड़ रुपये का घोटाला किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी इस भ्रष्टाचार के खिलाफ खामोश नहीं बैठेगी और वह विदेशी कोयले को उत्तर प्रदेश में किसी भी स्थान पर उतरने नहीं देगी। 

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सिंह ने प्रेसवार्ता में कुछ कागजात दिखाते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने देश के सभी राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों पर दबाब बनाते हुए आदेश दिया था कि सभी प्रदेशों को 10 प्रतिशत कोयला अडाणी की कंपनी से आयात करना पड़ेगा और जो राज्य कोयला आयात नहीं करेगा उसको देश की खदानों से दिया जाने वाला कोयला रोक दिया जाएगा। 

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उन्होंने आरोप लगाया कि दबाब के चलते कई राज्यों ने अडाणी से कोयला खरीदने के लिये टेंडर डाला जिसमें अडानी की तरफ से 40 हजार रुपये प्रति टन की दर से कोयला दिए जाने की बात कही गई, जबकि देश की कोल इंडिया लिमिटेड मात्र तीन हजार रुपये प्रति टन की दर से कोयला राज्यों को दे रही है।

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