Monday, Nov 18, 2019
AAP Slams on BJP Supreme Court Central Government Affidavit on Pollution

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने मानी अपनी गलती, कहा 2019 में घटा दिल्ली का प्रदूषण- AAP

  • Updated on 11/7/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली (Delhi) में बढ़ते प्रदूषण (Pollution) को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bharadwaj) ने बीजेपी (BJP) प्रशासित केंद्र सरकार (Central Government) पर निशाना  साधा है। भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय का हलफनामा पढ़ते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने खुद माना है कि साल 2019 में दिल्ली में प्रदूषण घटा है। 

उन्होंने केंद्र सरकार का हलफनामा जो सुप्रीम कोर्ट में दायर किया गया था उसे पढ़ते हुए कहा कि केंद्र सरकार ये खुद मानती है दिल्ली में प्रदूषण के दिनों की संख्या घटी है। आगे भारद्वाज ने कहा कि बीजेपी के नेता रोज इस बात को झुठलाते हैं कि दिल्ली में प्रदूषण कम हुआ है, जबकि उनकी सरकार ने ही सुप्रीम कोर्ट में ये माना है कि दिल्ली में प्रदूषण कम हुआ है। 

केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में ये भी माना कि दिवाली से पहले दिल्ली के हालता अच्छे थे, प्रदूषण कम था। दिवाली के बाद पटाखों के धुएं और पराली जलाने के कारण दिल्ली के प्रदूषण में वृद्धि हुई है। 

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'पराली निस्तारण के लिए नहीं दे पाई केंद्र सरकार मशीनें'
सुप्रीम कोर्ट में दर्ज हलफनामे में केंद्र सरकार ने माना कि उन्होंने 1 नवंबर को हरियाणा-पंजाब के मुख्य सचिवों लिखकर कहा कि आपके यहां पराली जलने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसके कारण प्रदूषण बढ़ रहा है। भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने दूसरे हलफनामे में लिखा कि उनको पंजाब के लोगों को पराली से बचाने वाली जो मशीनें बांटनी थी उसका एक तिहाई ही बांट पाए। हरियाणा में 51,274 मशीनें देनी थी 5113 ही दे पाए और यूपी में 4000 देनी थी परंतु 1391 ही दे पाए। भारद्वाज केंद्र के हलफनामे को ही केंद्र सरकार और बीजेपी के झूठ का कच्चा चिट्ठा बताया। 

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SC ने लगाई थी केंद्र और राज्य सरकारों को फटकार
बता दें कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर प्रदूषण इसी प्रकार से बढ़ता रहा तो हम लोग जी नहीं सकेंगे। केंद्र और राज्य दोनों को मिलकर इसके लिए कमद उठाने होंगे। अब बहुत हो चुका। दिल्ली का कोई कोना प्रदूषण की मार से अछूता नहीं है। इस बढ़ते प्रदूषण के कारण हम अपनी जिंदगी के महत्वपूर्ण साल खोते जा रहे हैं।

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दिल्ली का दम घुट रहा है- SC 
कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली का दम घुट रहा है और हम कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं। हर साल 10-15 दिन तक दिल्ली में प्रदूषण की ये स्थिति होती है। जबकि एक सभ्य और लोकतांत्रिक देश में ऐसा नहीं होता है। जीने का अधिकार बहुत महत्वपूर्ण है। 

 

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