Wednesday, Jun 19, 2019

अंदरूनी सर्वे में पंजाब में AAP ने की बढ़त हासिल, पांच सीटें पर जीत पक्की!

  • Updated on 4/3/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आम आदमी पार्टी के अंदरूनी सर्वे में दावा किया गया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी पंजाब में पांच सीटें जीत सकती है। 14 फरवरी से 2 मार्च के बीच पंजाब के सात हजार लोगों के बीच करवाए गए सर्वे में आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता में 9 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दिखाई दे रही है। सर्वे के मुताबिक, दलितों और किसानों के बीच आम आदमी पार्टी सबसे पसंदीदा विकल्प बनकर उभरी है।

सर्वे में यह भी सामने आया है कि पंजाब में शिअद का आधार बुरी तरह बिखर रहा है और प्रदेश की अमरिंदर सरकार से पंजाब के लोगों का मोहभंग हो रहा है। सर्वे में अमरिंदर सरकार, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार, दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के प्रदर्शन पर चर्चा की गई।

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अंदरूनी सर्वे में सामने आया कि कांग्रेस सरकार से भी लोगों का मोहभंग हो रहा है। इस नुकसान के बावजूद सर्वेक्षण  में 39.9 फीसदी वोटों के साथ कांग्रेस आगे है। जबकि 33.4 फीसदी लोगों ने आप को वोट देने की बात कही।  शिअद को सिर्फ 13.4 फीसदी लोगों का साथ मिला और भाजपा को 4.4 फीसदी लोगों का।

सर्वे में सबसे ज्यादा फायदा आम आदमी पार्टी को होता दिख रहा है।  2014 में आप ने 4 सीटें जीती थीं जो इस बार बढ़कर 5 हो सकती हैं। सर्वे में 84 फीसदी लोगों ने अमरिंदर सिंह की सरकार के कामकाज से असंतोष जताया। 

सर्वे में 45 फीसदी हिन्दू वोटरों ने कांग्रेस पर भरोसा जताया जबकि आप पर 32 फीसदी ने। मतदान भी ऐसे ही हुआ तो दोआबा क्षेत्र में लोकसभा चुनाव के नतीजों में फेरबदल हो सकता है। दोआबा क्षेत्र में बसपा के घटते प्रभाव के साथ दलित वोटर आप की तरफ झुकते नजर आ रहे हैं।

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सर्वे में हिस्सा लेने वाले 62 फीसदी दलितों ने आप पर भरोसा जताया है, जबकि कांगे्रस पर सिर्फ 20 फीसदी ने।  आप में दलितों के भरोसे की मुख्य वजह पार्टी के दलित नेताओं को अहमियत दिया जाना है। सुखपाल खैरा को हटा कर आप के बड़े दलित चेहरे हरपाल चीमा को नेता विपक्ष बनाने से दलितों के बीच मजबूत सन्देश गया है। सर्वे के अनुसार अंदरूनी सर्वे में ग्रामीण इलाकों में आप ने अपने पैर जमा लिए हैं।

51 फीसदी किसानों की पहली पसंद आप है, जबकि 36 फीसदी कांग्रेस के साथ हैं। अकालियों पर सिर्फ 10 फीसदी जमींदारों ने भरोसा जताया है।  76 फीसदी लोगों को भरोसा है कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी पर ही स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर सकती है। सर्वे में हिस्सा लेने वाले 37 फीसदी लोगों की राय में पंजाब में सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा महंगी बिजली और तेज भागते मीटर हैं।  

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31 फीसदी लोग बेरोजगारी को और पानी की उपलब्धता को 19 फीसदी लोग सबसे बड़ा मुद्दा मानते हैं। सिर्फ पांच फीसदी लोग ही बेअदबी को पंजाब का सबसे बड़ा मुद्दा मानते हैं। सर्वे में हिस्सा लेने वाले 37.7 फीसद लोगों ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना पसंदीदा नेता बताया जबकि आप के भगवंत मान 35.3 फीसदी लोगों की पहली पसंद बने।

सबसे भरोसेमंद नेता के रूप में भगवंत मान उभर कर सामने आए हैं। उन पर 42.2 फीसदी जबकि अमरिंदर सिंह पर सिर्फ 17.3 फीसदी लोगों ने भरोसा जताया। आप में बिखराव पर 77 फीसदी लोगों ने कहा की वह ऐसा नहीं मानते।  63 प्रतिशत लोगों ने माना कि सुखपाल खैरा के पार्टी से निकलने से आम आदमी पार्टी को फायदा हुआ है।

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