Wednesday, Oct 16, 2019
aarey colony 29 people protesting to save trees from felling

आरे कॉलोनी : पेड़ों को कटने से बचाने के लिए प्रदर्शन कर रहे 29 लोग गिरफ्तार

  • Updated on 10/5/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। मुम्बई पुलिस ने आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई को लेकर किए गए प्रदर्शन के मामले में छह महिलाओं सहित 29 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इससे पहले करीब 60 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें गिरफ्तार किए गए ये लोग शामिल थे। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ हमने 29 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें छह महिलाएं हैं। इनमें कुछ ने आरे कॉलोनी में तैनात पुलिसर्किमयों से हाथापाई की थी और उन्हें उनका काम करने से रोका।’’ 

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इससे पहले उच्च न्यायलय ने उत्तरी मुम्बई के हरित क्षेत्र में पार्किंग बनाने के लिये पेड़ों की कटाई के खिलाफ दायर चार याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके कुछ घंटों बाद मुम्बई मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (एमएमआरसीएल) ने शुक्रवार देर रात पेड़ों की कटाई शुरू कर दी। एमएमआरसीएल द्वारा पेड़ों की कटाई शुरू करते ही सैकड़ों पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर उन्हें रोकने की कोशिश की। इससे पहले आरे कॉलोनी और उसके आसपास के इलाकों में शनिवार सुबह में दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू कर दी गई थी। 

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कोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने से किया इनकार
बंबई उच्च न्यायालय ने मेट्रो कार शेड के लिए मुंबई के प्रमुख हरित क्षेत्र आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने से शनिवार को इनकार कर दिया। कुछ हरित कार्यकर्ताओं ने शनिवार को नयी याचिका दायर कर मुंबई मेट्रो रेल कोरपोरेशन लिमिटेड (एमएमआरसीएल) द्वारा इलाके में 2656 पेड़ों को काटे जाने पर रोक लगाने की मांग की। इससे एक दिन पहले उच्च न्यायालय ने मुंबई महानगरपालिका के वृक्ष प्राधिकरण के पेड़ों को काटने की अनुमति देने के फैसले को चुनौती देने वाली गैर लाभकारी संगठनों और कार्यकर्ताओं की चार याचिकाओं को खारिज कर दिया था। 

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एमएमआरसीएल ने शुक्रवार देर रात को पेड़ काटने शुरू कर दिए और उसकी इस कार्रवाई का हरित कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध किया। ये कार्यकर्ता आरे कॉलोनी में प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने अपनी याचिका में एमएमआरसीएल की कार्रवाई पर एक हफ्ते तक रोक लगाने की मांग की ताकि वे उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील कर सकें। न्यायमूर्ति एस सी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति ए के मेनन ने अर्जी पर तत्काल सुनवाई की। संक्षिप्त दलीलों के बाद पीठ ने रोक लगाने से इनकार कर दिया और उनकी अर्जी का निस्तारण कर दिया।

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