Monday, Dec 06, 2021
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फरार परमबीर सिंह क्राइम ब्रांच के समाने पेश हुए, नवाब मलिक ने साधा निशाना

  • Updated on 11/25/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह बृहस्पतिवार को यहां पहुंचने के बाद अपराध शाखा के समक्ष पेश हुए। मुंबई की एक अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया है और उन्हें जांच में शामिल होने का निर्देश भी दिया था। एक अधिकारी ने बताया कि सिंह चंडीगढ़ से यहां पहुंचे हैं। ‘‘ वह आदेश के अनुरूप जांच का हिस्सा बनने के लिए यहां पहुंचे हैं और जांच में सहयोग करेंगे।’’ सिंह ने यहां पहुंचते ही पत्रकारों से कहा था, ‘‘ मैं अदालत के निर्देश के अनुरूप जांच का हिस्सा बनूंगा।’’ अधिकारी ने बताया कि हवाई अड्डे से निकलने के बाद सिंह मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की इकाई-11 के समक्ष पेश हुए। गोरेगांव थाने में दर्ज रंगदारी के मामले में उनका यहां बयान दर्ज किया जाएगा। उच्चतम न्यायालय ने सिंह को गिरफ्तारी से फिलहाल संरक्षण प्रदान किया है। 

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गौरतलब है कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ के बाहर एक गाड़ी से विस्फोटक मिलने के बाद दर्ज मामले में मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे की गिरफ्तारी के बाद सिंह को मार्च 2021 में मुंबई पुलिस आयुक्त पद से हटा दिया गया था। इसके बाद सिंह को होम गाड्र्स का महानिदेशक नियुक्त किया था। सिंह ने महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे जिसे देशमुख ने खारिज किया था। देशमुख बाद में मंत्री पद से हट गए और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सिंह के आरोपों पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। परमबीर सिंह आखिरी बार सात अप्रैल को सार्वजनिक तौर पर दिखे थे। वह चार मई को कार्यालय आए और उसके बाद स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी पर चले गए थे। पुलिस ने 20 अक्टूबर को बताया कि सिंह का कोई अता-पता नहीं है। 

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नवाब मलिक ने साधा निशाना
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता एवं महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने बृहस्पतिवार को परमबीर सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त, अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद आखिरकार सामने आ गए। वसूली के आरोपों में घिरे भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी सिंह कई महीने तक गायब रहने के बाद बृहस्पतिवार को मुंबई पहुंचे। मलिक ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ सिंह का आज मुंबई में सामने आना दिखाता है कि उन्हें भगोड़ा घोषित किया जाना जरूरी था...मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से तबादले के बाद से वह ड्यूटी पर नहीं आए। सिंह गिरफ्तारी से संरक्षण हासिल करने के लिए उच्चतम न्यायालय गए। शीर्ष अदालत में उनकी इस दलील पर कोई विश्वास नहीं करेगा कि उनकी जान को खतरा है।’’ 

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उन्होंने आरोप लगाया कि सिंह ने राकांपा के नेता एवं राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ गलत आरोप लगाए, जो ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ थे। मलिक ने कहा कि देशमुख अदालत में अपनी लड़ाई लड़ेंगे और खुद को निर्दोष साबित करेंगे। महाराष्ट्र में जबरन वसूली के कई मामलों का सामना कर रहे सिंह ने समाचार चैनलों को बुधवार को बताया था कि वह चंडीगढ़ में हैं। मजिस्ट्रेट अदालत ने वसूली के एक मामले में पिछले सप्ताह सिंह को भगोड़ा घोषित कर दिया था। सिंह अभी होम गाड्र्स के महानिदेशक हैं, लेकिन मई के बाद से छुट्टियों पर हैं और कार्यालय नहीं गए हैं। 

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पुलिस ने अक्टूबर में बंबई उच्च न्यायालय को बताया था कि सिंह का कोई अता-पता नहीं है। सिंह ने तबादले के बाद महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसे देशमुख ने खारिज किया था। उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ के बाहर एक गाड़ी से विस्फोटक मिलने और उद्योगपति मनसुख हिरन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद दर्ज मामले में मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे की गिरफ्तारी के बाद, सिंह को मार्च 2021 में मुंबई पुलिस आयुक्त पद से हटाया गया था। 

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