Wednesday, May 12, 2021
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Account Number and IFSC Code can change in these banks Bank customers PSU banks prshnt

इन बैंकों में बदल सकता है Account Number और IFSC Code, जानिए आप पर क्या होगा असर?

  • Updated on 5/27/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश में एक अप्रैल से सरकारी बैंकों का बड़े बैंकों में विलय होने जा रहा है, जिसका नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। इस अध्यादेश को सरकार द्वारा मंजूरी मिलने के बाद 10 बैंकों का 4 बैंकों में विलय कर दिया जाएगा। बैंकों के विलय होने के बाद इसका सबसे ज्यादा असर उन बैंकों में खाताधारक लोगों पर प्रभाव पड़ेगा क्योंकि इन सभी खाताधारकों के अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड बदल जाएंगे।

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बैंक के विलय का काम पिछले 2 महिनों से जारी
देश में सरकारी बैंकों का बड़े बैंकों में विलय होने के बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 12 रह जाएगी। ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि 10 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय पिछले 2 महीने से बिना किसी नाराजगी के सुचारू रूप से किया जा रहा है। ऐसे कर्मचारियों की नौकरी पर कोई असर नहीं पड़ रहा हैं।

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इन बैंकों को होगा विलय
दरअसल सरकार ने पिछले साल 10 बैंकों की विलय की घोषणा की थी। पिछले साल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय कर दिया जाएगा। वहीं केनरा बैंक में सिडीकेट बैंक का विलय और इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय होगा। इसके अलावा यूनियन बैंक के साथ आंध्र बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का विलय किया जाएगा।

इन बैंकों के विलय होने के बाद देश में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र पंजाब एंड सिंद बैंक, यूको बैंक रह जाएंगे।

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पहले भी एसबीआई में 5 बैंको का हुआ विलय
इससे पहले भी भारतीय स्टेट बैंक में 5 सहायक बैंकों का विलय किया गया था जिसमें स्टेट बैंक ऑफ पटियाला स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर स्टेट बैंक ऑफ मैसूर और भारतीय महिला बैंक का स्टेट बैंक स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद शामिल है।

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खाताधारकों पर बैंकों के विलय से असर
बैंकों के विलय होने से इसका सीधा असर खाताधारकों पर पड़ने वाला है, ग्राहकों को नया अकाउंट नंबर और कस्टमर आईडी दिया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो ग्राहकों को अपना नया अकाउंट नंबर या आईएफएससी कोड टैक्स डिपार्टमेंट, इंश्योरेंस कंपनियों, म्युचुअल फंड, नेशनल पेंशन स्कीम, इन सभी जगह अपडेट करवाना होगा। इसके अलावा SIP या लोन EMI के लिए ग्राहकों को नया इंस्ट्रक्शन फॉलो करना होगा। वहीं नई चेक बुक डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड इशू हो सकता है।

इन बदलावों के अलावा फिक्स डिपॉजिट या रेकरिंग डिपाजिट पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं होगा। जिन ब्याज दरों पर पहले लोन होम लोन, पर्सनल लोन आदि दिए जाते थे, उनमें भी कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। ऐसे में बैंक के कुछ शाखाएं बंद हो सकती है इसलिए ग्राहकों को नई शाखाओं में जाने की जरूरत होगी।

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