Thursday, Feb 27, 2020
action taken under psa on former ias shah faesal

जम्मू-कश्मीर: पूर्व IAS शाह फैसल PSA के तहत हुए नजरबंद

  • Updated on 2/15/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जम्मू-कश्मीर के पूर्व IAS शाह फैसल (Shah Faesal) पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत नजर बंद किया गया है। जम्मू-कशमीर में कई नेताओं के उपर पीएसए के तहत कार्यवाही की गई है। हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की बहन सारा अब्दुल्ला पायलट (Sara Abdullah Pilot) ने जन सुरक्षा कानून के तहत अपनी हिरासत को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख किया था। उस याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए प्रशासन से 2 मार्च तक जवाब दाखिल करने को कहा है।

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उमर-महबूबा पर लगा PSA
दरअसल, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) की 6 महीने की 'एहतियातन हिरासत' पूरी होने से महज कुछ घंटे पहले उनके खिलाफ जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत मामला दर्ज किया गया। इससे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के महासचिव और पूर्व मंत्री अली मोहम्मद सागर और पीडीपी के वरिष्ठ नेता सरताज मदनी पर भी पीएसए लगाया गया। 

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मोहम्मद सागर को पीएसए नोटिस
नेशनल कांफ्रेंस (National Conference) के महासचिव और पूर्व मंत्री मोहम्मद सागर को प्रशासन ने पीएसए नोटिस थमाया था। शहर के कारोबारी इलाके में सागर का मजबूत आधार माना जाता है। इसी प्रकार पीडीपी के नेता सरताज मदनी के खिलाफ भी पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया है। मदनी, महबूबा मुफ्ती के मामा हैं। सागर और मदनी दोनों को केंद्र सरकार द्वारा पांच अगस्त के बाद राज्य के नेताओं पर की गई कार्रवाई के तहत नजरबंद किया गया था।

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हतियातन हिरासत अवधि खत्म
पांच अगस्त को केंद्र ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के साथ ही इसे दो केंद्र शासित हिस्सों में बांट दिया था। इन लोगों की छह महीने की एहतियातन हिरासत अवधि खत्म हो चुकी थी। इससे पूर्व अधिकारियों ने बताया था कि नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व विधायक बशीर अहमद वीरी के खिलाफ भी पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में पता चला कि उन्हें रिहा कर दिया गया था।

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