Monday, May 16, 2022
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adhir ranjan targets mamata banerjee says brahmins are proving themselves bjp pragnt

अधीर रंजन का ममता बनर्जी पर निशाना, कहा- 'BJP के डर से खुद को साबित कर रही हैं ब्राह्मण'

  • Updated on 3/10/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही राज्य में सभी राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ मैदान में उतर गई हैं। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख करीब आ रही हैं वैसे-वैसे बंगाल का चुनावी पारा बढ़ता जा रहा है। राजनीतिक दलों द्वारा आए दिन कोई न कोई नया मुद्दा लेकर एक दूसरे पर वार-पलटवार किया जा रहा है। वहीं राज्य में सत्तारूढ़ टीएमसी (TMC) और बीजेपी (BJP) में आर-पार की लड़ाई शुरू हो चुकी है। इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चंडी-पाठ को लेकर विवाद शुरू हो गया है।

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BJP के डर से खुद को ब्राह्मण बताने में जुटी ममता
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी के डर से ममता खुद को ब्राह्मण महिला बताने में जुट गई हैं। उन्होंने कहा, 'बीजेपी और टीएमसी ने बंगाल में चुनाव को इतना नीचे गिरा दिया है कि बंगाल के लोग खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। ममता बनर्जी साबित करने की कोशिश कर रही हैं कि​ वो ब्राह्मण महिला हैं और बीजेपी से कम हिन्दुत्ववादी नहीं हैं।'

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नंदीग्राम में ममता ने भरी हुंकार
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि 'जो बाहरी लोगों के आगे झुक गए', वे सांप्रदायिक हथकंडों के जरिए नंदीग्राम आंदोलन को बदनाम कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने यह आरोप भी खारिज कर दिया कि वह नंदीग्राम में बाहरी हैं। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख इस चर्चित सीट पर अपने पूर्व विश्वस्त शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने जा रही हैं। अधिकारी कुछ समय पहले भाजपा में शामिल हो गए थे।

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नंदीग्राम से चुनाव लड़ेगी ममता बनर्जी
बता दें कि राज्य में आठ चरणों में होने जा रहे चुनाव के तहत दूसरे चरण में एक अप्रैल को नंदीग्राम में मतदान होना है। ममता ने शुभेंदु का एक बार भी नाम लिए बगैर कहा कि उन्होंने (ममता ने) सिंगूर या नंदीग्राम में से किसी एक सीट से चुनाव लड़ने का अपना मन बना लिया था। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि उन्होंने लोगों की जबरदस्त मांग को लेकर नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का फैसला किया। गौरतलब है कि ये दोनों ही स्थान भूमि अधिग्रहण के खिलाफ राज्य में हुए आंदोलन का मुख्य केंद्र रहे थे और इस आंदोलन ने ममता को 2011 में मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया था।

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बाहरी बोलने पर भड़की ममता
विधानसभा चुनाव में इस सीट से नामांकन दाखिल करने से एक दिन पहले बूथ स्तर के तृणमूल कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, 'मैंने सुना है कि कुछ लोग मुझे नंदीग्राम में बाहरी कह रहे हैं। मैं हैरान हो गई। मैं पड़ोसी बीरभूम जिले में जन्मीं और पली-बढ़ी हूं। आज मैं बाहरी हो गई और जो गुजरात से आए हैं वे बंगाल में स्थानीय हो गये।' ममता ने 'दीदी हम आपको चाहते हैं' के नारे के बीच कहा, 'इस तर्क के अनुसार तो मुझे 10 साल से राज्य का मुख्यमंत्री नहीं रहना चाहिए था। और अब बंगाल की बेटी बाहरी कुछ लोगों के लिए बाहरी हो गई है। क्या आपने कभी बाहरी मुख्यमंत्री सुना है? यदि स्थानीय लोग मुझसे चुनाव लड़ने को नही कहेंगे तो मैंन वापस चली जाऊंगी।'

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BJP पर साधा निशाना
ममता ने अधिकारी पर साम्पद्रायिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा, 'जो बाहरी लोगों के आगे झुक गये, वे साम्प्रदायिक हथकंडों के जरिए नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन को बदनाम कर रहे हैं।' मुख्यमंत्री ने कहा, 'कुछ लोग 70:30 अनुपात (हिंदू-मुस्लिम आबादी) की बात कर रहे हैं। जो लोग ऐसा कर रहे हैं वे दोनों समुदायों के लोगों को आपस में लड़ा कर नंदीग्राम के पवित्र आंदोलन के बदनाम कर रहे हैं । नंदीग्राम के लोग मतदान के दिन एक अप्रैल को भाजपा को 'अप्रैल फूल' बनाएंगे।'

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नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन को लेकर कहा ये
ममता ने कहा कि यदि पहले सिंगूर में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन नहीं होता तो नंदीग्राम आंदोलन जोर नहीं पकड़ता। ममता ने कहा, 'सिंगूर आंदोलन नंदीग्राम आंदोलन से कुछ महीने पहले हुआ था। मैंने दिसंबर 2006 में सिंगूर भूमि अधिग्रहण के खिलाफ अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल पूरी की थी। इसके बाद 2007 में नंदीग्राम आंदोलन हुआ था। सिंगूर आंदोलन ने नंदीग्राम आंदोलन को जरूरी ऊर्जा प्रदान की थी।'

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ममता ने खुद को बताया ब्राह्मण
ममता ने उनके हिंदू विरोधी होने के भाजपा के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक ब्राह्मण हैं और हिंदू रस्मों के बारे में भगवा पार्टी के फर्जी हिंदू नेताओं से कहीं ज्यादा जानती हैं। ममता ने कहा, 'यदि किसी को मेरे धर्म के बारे में शक है तो मैं उन्हें बहस करने और हिंदू श्लोकों का पाठ करने में प्रतिस्पर्धा करने की चुनौती देती हूं। खेला होबे (खेल जारी है)।' उन्होंने ऐलान किया कि उनकी पार्टी 11 मार्च को चुनाव घोषणापत्र जारी करेगी। उन्होंने कहा कि वह गुरुवार को नंदीग्राम में शिवरात्रि पूजन करेंगी।  

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