Sunday, Aug 07, 2022
-->
admission not done under rte

आरटीई केे तहत नहीं हुए एडमिशन, बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्रशासन से 5 दिन में मांगी रिपोर्ट

  • Updated on 1/14/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। आरटीई के तहत बच्चों को निशुल्क शिक्षा का अधिकार मिलना अभी भी मुश्किल हो रहा है। निजी स्कूलों की मनमानी के आगे प्रशासन भी बेबस दिख रहा है। अब राज्य बाल संरक्षण आयोग ने आरटीई के तहत कई माह बाद भी एडमिशन नहीं होने पर प्रशासन से 5 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। बच्चों के एडमिशन नहीं होने पर जीपीए (गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन) ने राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को मामले से अवगत कराया था।

एसोसिएशन की अध्यक्ष सीमा त्यागी ने बताया कि एसोसिएशन की शिकायत पर आरटीई के अंतर्गत चयनित बच्चों के एडमिशन का संज्ञान नहीं लेने पर कुछ दिन पूर्व ही राष्ट्रीय बाल अधिकार सरक्षंण आयोग दिल्ली द्वारा जिलाधिकारी को बच्चों का एडमिशन सुनिश्चित करा जांच रिपोर्ट देने को कहा गया था,

अब उत्तर प्रदेश बाल अधिकार सरक्षंण आयोग लखनऊ ने भी सख्ती दिखाते हुए जिलाधिकारी से 5 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देेने को कहा है। बताया कि जिले के विभिन्न निजी स्कूल द्वारा निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत चयनित बच्चों के एडमिशन कई माह बाद भी नहीं लिए गए है।

ऐेसे में बच्चों के शिक्षा के अधिकारों का हनन हो रहा है। वहीं, दूसरी तरफ  शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी भी आरटीई के एडमिशन सुनिश्चित कराने के लिए उदासीन हैं।जिलाधिकारी और शिक्षा अधिकारियों को आरटीई के तहत एडमिशन सुनिश्चित कराने के लिए गंभीरता दिखाए। जिससे सभी को शिक्षा मिल सकें।
 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.