Tuesday, Dec 07, 2021
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जेएनयू में विदेशी छात्रों को दाखिला तभी जब भारतीयों के दाखिले से सीट बचे खाली

  • Updated on 10/25/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने कहा कि विदेशी छात्रों को पीएचडी कोर्स में तभी दाखिला दिया जाएगा। जब जेएनयू एंट्रेंस एग्जाम में सफल हुए भारतीय छात्रों के दाखिले के बाद पीएचडी सीटें खाली बच जाएंगी। यह बयान जेएनयू ने उन अफगान छात्रों की मांग पर दिया जो मौजूदा परिस्थितियों के कारण वहां वापस नहीं लौटने की स्थिति में जेएनयू में पीएचडी कोर्स में दाखिला चाहते हैं। इन छात्रों ने अपने लिए विवि. मेें पीएचडी दाखिला प्रक्रिया आसान बनाने का आग्रह किया था।

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जेएनयू प्रवेश प्रक्रिया निदेशक ने कहा कि विवि. प्रति वर्ष विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के जरिए एक प्रवेश परीक्षा आयोजित करता है। जिसके बाद यूजीसी के दिशा निर्देशानुसार शैक्षणिक कार्यक्रमों में प्रवेश की नीति तैयार की जाती है। विभिन्न श्रेणियों के लिए सीटों के आरक्षण से संबंधित भारत सरकार के जो नियम हैं उनके आधार पर सामान्य श्रेणी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, पीडब्ल्यूडी और विदेशी नागरिकों के लिए मेरिट सूचियां तैयार की जाती हैं।

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प्रवेश निदेशक ने कहा कि पीएचडी के लिए विदेशी छात्रों का प्रवेश यूजीसी 2016 के अनुपालन में किया जाता है। पीएचडी में विदेशी छात्रों को दाखिले की पेशकश तभी की जाती है  जब भारतीय छात्रों को पेशकश के बाद किसी विषय में सीटें खाली छोड़ दी जाती हैं।

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