Thursday, Apr 09, 2020
Afghanistan sikh gurdwara kabul Bomb blast manjinder singh sirsa

गुरुद्वारे पर हुए फिदायीन हमले पर भड़के सिख

  • Updated on 3/25/2020

ई दिल्ली /टीम डिजिटल। अफगानिस्तान (Afaganistan) की राजधानी काबूल में गुरुद्वारा साहिब पर हुए आत्मघाती हमले की भारतीय सिखों ने कड़ी निंदा की है। अलग-अलग संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। भारतीय सिखों ने कहा कि इस समय जब सिख भाईचारा पाकिस्तान सहित सारी दुनिया को कोरोना वायरस की मार से बचाने के लिए अरदास कर रहा था तब इस तरह का हमला इन हमलावरों व इनके संगठन की प्रवृति को दर्शाता है। सिखों ने जोरदार निंदा करते हुए कहा है कि यह उचित समय है कि जब अफगानिस्तान के सिख अपने परिवारों की जान-माल की रक्षा के लिए भारत आकर बसने सबंधी कोई फैसला लें। उधर, इस मामले पर केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने विदेश मंत्री  और विदेश मंत्रालय से बात की है, जिन्होंने इस सबंध में हर जरूरी कार्रवाई का भरोसा दिया हैं। विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव दीपक मित्तल ने भरोसा दिलाया है कि भारत सरकार अफगानिस्तान के अधिकारियों के संपर्क में है व वहां सिखों की सुरक्षा व रक्षा के लिए जरूरी हर कदम उठाया जायेगा। बता दे कि काबुल के गुरुद्वारे पर आज तड़के आतंकवादियों ने हमला कर दिया, जो कि अपनी रोजाना की प्रार्थना के लिए जुटे थे, जिसमें कई सिखों ने अपनी जान गंवा दी और कई घायल भी हुए।
सोशल डिस्टेंसिंग पर शुरू हुई सख्ती, राज्यों को दिए गए निर्देश

जागो के अध्यक्ष जीके ने अफगानी राजदूत से की बात
काबुल के शोर बाजार में गुरद्वारा गुरु हरिराय साहिब पर हुए फिदायीन हमले में मारे गए सिखों को लेकर 'जागोÓ के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने भारत में अफगानिस्तान के कार्यकारी राजदूत ताहिर कादिरी से बात की। हमले की निंदा करते हुए राजदूत से जिन मुद्दों पर सवाल पूछे: उसमें घायलों की संख्या,हमले का जिम्मेदार संगठन,मौजूदा समय हालात पर सरकार की पकड़ तथा इस भय के माहौल में भारत इलाज करवाने या नागरिकता लेने के लिए आने वाले सिख व हिन्दू समुदाय के लोगों की अफगान सरकार क्या मदद कर सकती है ? जीके ने राजदूत से कहा कि दुनिया भर के सिख अफगानिस्तान में रहने वाले अपने भाइयों के बारे में गहराई से चिंतित हैं, इसलिए मैं अफगानिस्तान सरकार से अनुरोध करता हूँ कि वो उनकी रक्षा करें और इस जघन्य घटना में शामिल सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई करें। ताहिर कादिरी ने जीके और पूरे सिख समुदाय से अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रपति अशरफ गनी व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहे हंै। हम सिखों और हिंदुओं की रक्षा के लिए हर सक्षम कदम उठाएगें। राष्ट्रपति ने पहले भी सिखों और हिंदुओं का समर्थन करने के लिए विभिन्न पहल और सुधार किए है तथा हमारे सुरक्षा बल अफगानिस्तान के सभी दुश्मनों पर जवाबी कार्रवाई करेंगे। हमले वाले क्षेत्र को अफगान सुरक्षा बलों द्वारा हमलावरों से मुक्त कर दिया गया है, घायलों को तत्काल उपचार देने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं और विस्तृत जांच अभी जारी है। जीके ने राजदूत से सभी घायलों को प्राथमिकता के आधार पर भारत स्थानांतरित करने का अनुरोध किया। 
अब कोई वीडियो एचडी में नहीं चलेगा, नेट की धीमी रफ्तार से मिलेगी निजात

अफगानी सिखों के भारत में बसाने के लिए गुरुद्वारा कमेटी मदद करेगी
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjindar singh sirsa) ने अफगानिस्तान की राजधानी काबूल में गुरुद्वारा साहिब पर आतमघाती बम धमाके की सख्त निंदा की है व कहा है कि यह उचित समय है कि जब अफगानिस्तान के सिख अपने परिवारों की जान-माल की रक्षा के लिए भारत आकर बसने सबंधी कोई फैसला लें। सिरसा कहा कि यह हमला जिसकी जिम्मेदारी आई.एस.आई.एस ने ली है, यह मानवता पर किया गया बहुत ही निंदनीय हमला है। उन्होंने कहा कि सिख जहां गुरु साहिबान के बताये मार्ग अनुसार सरबत का भला मांगते हैं वहीं यह लोग मनुष्यों को मारने वाला नीच काम करते हैं जिसकी सारी दुनिया को जोरदार निंदा करन चाहिए। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि अगर अफगानिस्तान के सिख भारत आकर बसना चाहते हैं तो दिल्ली कमेटी उन्हें यहां लाने व बसने के लिए हर तरीके का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि वह लगातार वहां के सिखों के सपंर्क में हैं और उन्होंने भरोसा दिया है कि हम हर तरह से मदद के लिए तैयार है। सिरसा ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान में सिखों पर किया गया दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले 2018 में भी सिखों पर हमला किया गया था व इसी तरीके से बड़े स्तर पर हत्याएं की गईं थी। उन्होंने कहा कि इस हमले में महिलाएं व बच्चे भी मारे गये हैं व यह हमला उस कौम पर किया गया है जो दुशमनों की महिलाओं व बच्चों का भी सम्मान करते हैं और कभी उन पर हमला नहीं करते। उन्होंने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी इस संकट के समय अफगानिस्तान सिखों के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ी है व हमेशा उनके लिए आगे होकर कार्य करेगी।
अफगानिस्तान: काबुल के सिख गुरुद्वारे पर ISIS ने किया हमला, 27 श्रद्धालुओं की हुई मौत

गुरुद्वारे पर हमला मानवता पर हमला है : सरना
शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना (Paramjeet singh sarana) ने आत्मघाती हमलावरों द्वारा काबुल के एक गुरुद्वारे पर हुए आतंकी हमले की निंदा की। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से नृशंस घटना  करने वालों की भत्र्सना करने का आह्वान किया। शिअद के प्रमुख परमजीत सिंह सरना ने कहा कि सिखों ने मानवता और मानवता की मदद करने में सबसे आगे रहे हैं, चाहे वह सीरिया में हो या कोरोनोवायरस से प्रभावित इलाकों में। बावजूद इसके उनके आस्था के केंद्र पर हमला किया गया। गुरुद्वारे पर हमला मानवता पर हमला है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया कि नृशंस कृत्य के अपराधियों का पूरी ताकत से विरोध किया जाना चाहिए। साथ ही अफ गानिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों को सुरक्षित निकालने के प्रयासों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।  सरना ने कहा कि अमेरिका और तालिबान ने पिछले महीने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जो अफगान नेतृत्व और विद्रोहियों के बीच बातचीत का मार्ग प्रशस्त करने वाला था, लेकिन काबुल के साथ सरकार में कौन है, इस पर सहमति के लिए वार्ता ठप पड़ी है। शिअद अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने कहा कि 300 से कम परिवारों की संख्या वाले सिखों ने देश में व्यापक भेदभाव का सामना किया है और उन्हें सशस्त्र समूहों द्वारा भी निशाना बनाया गया है। सरदार सरना ने कहा, संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय शक्तियों को सामूहिक रूप से मानवता के दुश्मनों का विरोध करना चाहिए। अफगानिस्तान में गुरुद्वारे के हमले ने अंतरराष्ट्रीय शक्तियों को प्रभावित किया है।

comments

.
.
.
.
.