Thursday, Aug 18, 2022
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28 साल इंतजार के बाद 2598 श्रमिकों की आंखों में चमक, मिलेगा पीएफ का अटका पैसा, टेंशन दूर

  • Updated on 7/3/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। 2598 श्रमिकों की मेहनत का अटका पैसा 27-28 साल बाद मिलने की उम्मीद जगी है। प्रोविडेंट फंड (पीएफ) की अपने हक की राशि के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा है। कंपनी प्रबंधन के खिलाफ संघर्ष में काफी उतार-चढ़ाव आए, मगर इरादा नहीं डिगा। 

विवाद उभरने और घिरने पर कंपनी ने पीएफ मद में साढ़े 43 लाख रुपए से ज्यादा का चैक जमा करा दिया है। अभी 7 करोड़ 68 लाख रुपए से अधिक की मय ब्याज राशि का भुगतान होना है। राजपुताना फर्जीलाइजर लि. की कन्सर्न मोदी थ्रेड मिल एवं मोदी टेलीफाईबर कंपनी के श्रमिकों से संबंधित यह मामला है। 

कंपनी प्रबंधन ने लगभग 27-28 साल पहले 2528 श्रमिकों के वेतन से प्रोविडेंट फंड (पीएफ) का पैसा काट लिया था। आरोप है कि श्रमिकों का पैसा और कंपनी का अंशदान पीएफ ऑफिस में जमा नहीं कराया गया था। इसके चलते काफी समय से विवाद चल रहा था। समय-समय पर यह मुद्दा उठाया गया, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया। 

इस प्रकरण में कंपनी प्रबंधन के साथ-साथ कुछेक तथाकथित श्रमिक संगठनों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जाते रहे थे। इस बीच विगत 18 नवम्बर 2021 को रीजनल कमिश्नर पीएफ मेरठ से लिखित शिकायत की गई। पत्र में कंपनी चेयरमैन एस.के. मोदी पर कार्रवाई करने व श्रमिकों को पीएएफ राशि दिलाए जाने की अपील की गई थी। 

शिकायकर्ता लोकेश कुमार ढोडी के मुताबिक इस प्रकरण में इतने साल बाद बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। राजपूताना फर्टिलाईजर लि. ने 43 लाख 63 हजार 241 रुपए का चैक जमा करा दिया है। उन्होंने बताया कि शेष मय ब्याज रकम 7 करोड़ 68 लाख 7 हजार 925 रुपए का भी जल्द भुगतान होने की उम्मीद है। 

इससे श्रमिकों की विकट समस्या का पटाक्षेप हो जाएगा। बता दें कि जनपद की विभिन्न कंपनियों में पीएफ संबंधी विवाद समय-समय पर सामने आते रहते हैं। पीएफ से संबंधित कई मामले श्रम न्यायालय में भी लंबित पड़े हैं।

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