USA: इस बिल के पास होने के बाद 90 प्रतिशत रुके भारतीयों को मिल सकेगा ग्रीन कार्ड

  • Updated on 2/9/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  वाशिंगटन में जल्द ही अमेरिकी ग्रीन कार्ड को लेकर एक जबरदस्त फैसला लिया गया है। इसमें किसी भी देश की संख्या के आधार पर ग्रीन कार्ड की संख्या तय की जाएगी। बता दें कि पिछले कुछ समय से ये जरुरी बहस का मुद्दा बना था कि देश के हिसाब से ग्रीन कार्ड की संख्या सीमित होने के चलते भारत और चीन के नागरिकों को औसतन कम नागरिकता मिल पाती है जबकि अन्य देशों के नागरिकों को आसानी से अमेरिका की स्थायी नागरिकता मिल जाती है। लेकिन अब इस विषय पर नए सरे से कदम उठाए जा रहे हैं। 

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अमेरिकी सदन में पक्ष और विपक्ष दोनों की इसके पक्ष में दिखाई देता है। ऐसे में उमम्दी है कि इस बिल को पास करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इस बिल के लिए कहा जा रहा है कि अमेरिका में नौकरी के आधार पर ही मिलने वाली स्थायीय नागरिकता की लिमिट को खत्न किया जा सकेगा। 

मौजूदा नियमों की बात करें तो ग्रीन कार्ड कि सीमा 7 प्रतिशत है जिसमें लगभग 1 लाख 40 हजार लोग ही एक साल में ग्रीन कार्ड हासिल कर सकते हैं। साथ ही किसी भी देश के 9, 800 से ज्यादा नागरिकों को कार्ड नहीं दिया जा सकता है। 

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लेकिन इस बिल के पास होने के बाद भारत और चीन में बैठे कई सारे नागरिकों को जल्दी ही ग्रीन कार्ड मिलने में आनी वाली अड़चन दूर हो जाएगी। बता दें कि भारत में अभी तक बस 9,400 लोगों को ही सालाना कार्ड मिल पाता था जबकि आवेदकों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है।

वहीं इस बिल के पास होने से कई देशों में इसको लेकर चर्चा है कि ये बिल भारत को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। ईरान, श्रीलंका और फिलिपींस जैसे देशों का मानना है कि इससे उनके देश से जाने वाली लोगों की गति पर असर पड़ेगा। बताया जाता है कि अमेरिका में मेडिकल क्षेत्र से जुड़ी नर्से ज्यादातर श्रीलंका और फिलिपींस से जाती हैं। 

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भारत में टेक्नॉलजी बेस्ड माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी कंपनियां इस बिल के समर्थन में हैं क्योंकि इससे उन्हें ज्यादा से ज्यादा संख्या में भारतीय इंजिनियर्स और सॉफ्टवेयर डिवेलपर्स को हायर करने मे आसानी होगी। 

आपको बता दें कि अमेरिका में जितने भी आवेदन रुके हुए हैं उनमें से 90 प्रतिशत भारतीय हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2018 तक ही अमेरिका के टेक्नॉलजी क्षेत्र में 3 लाख भारतीय ऐसे हैं, जो ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। 

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