Saturday, Dec 07, 2019
after indo china war bodies of the soldiers were found in the snow

भारत-चीन युद्ध के बाद बर्फ में मिले थे जवानों के शव

  • Updated on 12/2/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत-चीन (India- China) 1962 में हुए युद्ध के खत्म होने के बाद भी बर्फ में जवानों (soldiers) के शव दबे हुए मिले थे। इनमें भारतीय सेना के जोधपुर राजस्थान (Rajasthan) निवासी मेजर शैतान सिंह भी शामिल थे जिनके नाम से चीनी सेना डरती थी, वह 1962 भारत-चीन युद्ध के हीरो थे। शैतान सिंह का पूरा नाम शैतान सिंह भाटी (Major Shaitan Singh Bhati) था, उनके युद्ध में पराक्रम के लिए उन्हें 1963 में मरणोपरांत परमवीर चक्र (Param Vir Chakra) से नवाजा गया था।

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जब चीन की सेना ने भारत पर बोला हमला...
18 नवम्बर 1962 का ही वह दिन था जब चीन ने सेना के साथ भारत पर हमला बोल दिया था। इस दौरान भारत के पास 120 सैनिक थे, वहीं चीन के पास 2,000 सैनिक थे। जब शैतान सिंह को आभास हुआ कि चीन की ओर से बड़ा हमला होने वाला है तो उन्होंने अपने अधिकारियों को रेडियो संदेश भेजा और मदद मांगी। वहीं दुख की बात यह है कि उन्हें कहा गया कि अभी कोई मदद मुमकिन नहीं है। इसके बाद एक रणनीति तैयार की गई। शैतान सिंह ने कहा कि हमारे पास संसाधन कम हैं और दुश्मनों की संख्या ज्यादा है, ऐसे में कोशिश करें कि एक भी गोली बर्बाद न जाए। 

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3 माह बाद मिले थे शव
युद्ध को खत्म हुए 3 महीने हो गए थे। ऐसे में शैतान सिंह के शव के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी, रेजांग ला की बर्फ पिघली और रैड क्रॉस सोसायटी और सेना के जवानों ने उन्हें खोजना शुरू किया। तब एक गडरिया अपनी भेड़ चराने के लिए रेजांग की ओर जा रहा था, वहीं बड़ी-सी चट्टान में वर्दी में कुछ नजर आया जिसके बाद उसने यह सूचना वहां मौजूद अधिकारियों को दी। गडरिए की सूचना के बाद जब सेना वहां पहुंची तो उन्होंने जो देखा उसे देखकर सबके होश उड़ गए। सैनिक उस दिन भी अपनी-अपनी बंदूकें थामे ऐसे बैठे थे जैसे मानो अभी भी लड़ाई चल रही हो।  

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