Monday, May 10, 2021
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after kapil sibal now ghulam nabi azad also raised questions on congress rkdsnt

नेतृत्व को लेकर कांग्रेस में कलह तेज, सिब्बल के बाद अब गुलाम नबी आजाद ने भी उठाया सवाल

  • Updated on 11/23/2020

नई दिल्ली/नवोदय टाइम्स ब्यूरो। बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस में छिड़ी अंतर्कलह थमने का नाम नहीं ले रही। कपिल सिब्बल के बाद अब पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के बड़े नेताओं का निचले स्तर के कार्यकर्ताओं से संपर्क टूट गया है। फाइव स्टार होटलों में बैठ कर चुनाव नहीं लड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि पार्टी का ढांचा ढह चुका है। हमें इसकी संरचना के पुनर्निर्माण की आवश्यकता है।

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आजाद का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अगले साल के शुरुआत में कांग्रेस महाधिवेशन बुलाने की तैयारी हो रही है। बिहार चुनाव के नतीजों के बहाने आजाद ने कहा कि जो लोग ऊपर के पदों पर बैठे हुए हैं, उनका ब्लॉक स्तर, जिला स्तर के आम कार्यकर्ताओं से संपर्क टूट चुका है। उन्होंने हालांकि किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन अपरोक्ष रूप से यह गांधी परिवार और उनके इर्द गिर्द रहने वालों पर निशाना माना जा रहा है।

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दरअसल, सिब्बल और आजाद उन 23 नेताओं में से हैं, जिन्होंने पार्टी में ऊपर से नीचे तक चुनाव की हिमायत करते हुए हाईकमान को चिट्ठी लिखी थी। चिट्ठी में इन नेताओं ने किसी ऐसे व्यक्ति को पार्टी की कमान सौंपने पर जोर दिया है, जो एक्टिव, प्रभावी और सहज सुलभ हो। रविवार को एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में आजाद ने कहा कि पिछले 72 वर्षों में कांग्रेस आज सबसे निचले स्तर पर है। यहां तक कि बीते दो कार्यकाल से लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद हासिल करने तक की ताकत कांग्रेस नहीं जुटा सकी है।

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उन्होंने कहा कि जब तक हम अपने कामकाज के तरीकों को नहीं सुधारेंगे, तब तक हालात बदलने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रीय स्तर पर विकल्प बनाना चाहते हैं तो नेतृत्व को हर स्तर पर चुनाव और कार्यकर्ताओं को प्रोग्राम देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ नेता बदलने से हम बिहार या यूपी-एमपी जीत लेंगे, यह कहना और सोचना गलत है।


आजाद ने फिर अपनी पुरानी बात को दोहराते हुए कहा कि जब हमारी पार्टी में कोई पदाधिकारी बनता है तो वह पहला काम लेटर पैड और विजिटिंग कार्ड छपवाने का करता है। इतने भर से वह मान लेता है, उसका काम पूरा हुआ। असल में तो तभी से उसका काम शुरू होना चाहिए। एक शेर पढ़ते हुए आजाद ने कहा कि पार्टी से इश्क होना चाहिए। ये इश्क नहीं आसान, बस इतना समझ लीजै, एक आग का दरिया है और डूब के जाना है। उन्होंने कहा कि लोग समझते हैं कि लड़कियों से प्रेम ही इश्क है। इश्क तो भगवान, अपने पीर-पैगंबर और धर्म से भी होता है।

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---सिब्बल ने कहा, डेढ़ से बिना अध्यक्ष की पार्टी

इसके पहले एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में कपिल सिब्बल ने फिर से पार्टी नेतृत्व को बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने डेढ़ साल पहले कांग्रेस अध्यक्ष बनने से इंकार किया था, इसके बाद से अब तक पार्टी अध्यक्ष नहीं चुना गया है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में डेढ़ साल से अध्यक्ष नहीं है, वह क्या करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी नहीं पता कि उन्हें भविष्य में क्या करना है या कहां जाना है। सिब्बल ने बिहार विधानसभा और 11 राज्यों में हुए उपचुनाव के नतीजे आने के साथ ही नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठा दिया था। जिसके बाद से पार्टी में घमासान मची हुई है। पी. चिदंबरम भी बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर चिंता जता चुके हैं।
 
---खुर्शीद बोले, नेतृत्व संकट नहीं
हालांकि सिब्बल और आजाद के साक्षात्कारों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि हर वह व्यक्ति देख सकता है, जो नेत्रहीन नहीं है कि पार्टी में नेतृत्व संकट नहीं है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष चयन की प्रक्रिया में समय लग रहा है, इसके पीछे कोई उचित कारण होगा।

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