Monday, Nov 28, 2022
-->
after nadda, shah''''s appeal, fadnavis accepted the post of deputy cm

नड्डा, शाह की अपील के बाद फडणवीस ने स्वीकार किया डिप्टी सीएम का पद

  • Updated on 6/30/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री होंगे। चौंकाने वाले घटनाक्रम के बीच भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को यह घोषणा की। फडणवीस और शिंदे की राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के बाद यह घोषणा की गई। फडणवीस ने सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया है। लेकिन, दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने फडणवीस से डिप्टी सीएम पद स्वीकार करने की गुजारिश की है।

जेपी नड्डा ने कहा, 'भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया है कि देवेंद्र फडणवीस को सरकार में आना चाहिए इसलिए उनसे व्यक्तिगत अनुरोध किया और केंद्रीय नेतृत्व ने कहा है कि देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के रूप में कार्यभार संभालें।'

इस बीच, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी नड्डा की गुजारिश पर मोहर लगाई है। अपने ट्वीट में शाह लिखते हैं, 'भाजपा अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी के कहने पर श्री देवेंद्र फडणवीस जी ने बड़ा मन दिखाते हुए महाराष्ट्र राज्य और जनता के हित में सरकार में शामिल होने का निर्णय लिया है।'

हालांकि, तब तक कयास लगाये जा रहे थे कि एकनाथ के नेतृत्व वाले बागी शिवसेना विधायकों के समर्थन से फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्यपाल से मुलाकात के बाद फडणवीस ने राजभवन में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि शिंदे अकेले ही बृहस्पतिवार को शाम साढ़े सात बजे राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में किया जाएगा।   

SEBI ने रियल एस्टेट कंपनी पाश्र्वनाथ डेवलपर्स पर लगाया प्रतिबंध 

  •  

  शिंदे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘फडणवीस ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उस पर मैं खरा उतरुंगा।’’  पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भाजपा शिंदे गुट को अपना समर्थन देगी। भाजपा महाराष्ट्र विधानसभा में सबसे बड़ा दल है।      उन्होंने कहा, ‘‘ मैं सरकार से बाहर रहूंगा, हालांकि, सरकार का सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित करूंगा जो उद्धव ठाकरे के इस्तीफे के बाद विकल्प के तौर पर सामने आयी है।’’  फडणवीस ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान शिवसेना (बागी विधायक) और भाजपा विधायकों के अलावा कुछ निर्दलीय विधायक मंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सत्ता के लिए नहीं बल्कि सिद्धांतों और हिंदुत्व की विचारधारा के लिए है।  

सीएम पद छोड़ने के बाद उद्धव बोले- मेरे पास शिवसेना है, इसे कोई नहीं छीन सकता

    पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा राज्य पर चुनाव थोपने के खिलाफ थी। उन्होंने कहा कि शिवसेना के पदाधिकारियों में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन करने के चलते रोष था क्योंकि ये कथित तौर पर 2019 विधानसभा चुनाव के जनमत का अपमान था। फडणवीस ने कहा कि भाजपा और शिवसेना ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था।      भाजपा नेता ने दावा किया, ‘‘उद्धव ठाकरे ने उन दलों (कांग्रेस और राकांपा) के साथ गठबंधन किया, जिनके खिलाफ बाल ठाकरे पूरी जिंदगी लड़ते रहे।’

मोहम्मद जुबैर की शिकायत करने वाले का Twitter अकांउट डिलीट, जांच में जुटी दिल्ली पुलिस 

’      उन्होंने आरोप लगाया कि महा विकास आघाड़ी (एमवीए) गठबंधन भ्रष्ट था और उसके दो मंत्री भ्रष्टाचार और धनशोधन मामले में जेल में हैं। फडणवीस ने कहा कि शिवसेना विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्र में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था क्योंकि एमवीए के गठबंधन सहयोगी उन्हें नुकसान पहुंचा रहे थे।  वहीं, एकनाथ शिंदे ने कहा कि उन्होंने राज्य के विकास को ध्यान में रखते हुए 50 विधायकों के समर्थन के साथ यह निर्णय (एमवीए सरकार से बगावत) लिया और इसमें उनका कोई निजी हित नहीं है।  उन्होंने एमवीए सरकार के संचालन के तौर-तरीकों पर सवाल उठाया और उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर देने के लिए फडणवीस का आभार जताया।      

मोदी सरकार ने 91 वर्षीय अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल का कार्यकाल बढ़ाया

comments

.
.
.
.
.