Tuesday, Oct 04, 2022
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after submitting the resignation to the governor, nitish said – we left nda

एक ही गाड़ी में राज्‍यपाल से मिलने पहुंचे नीतीश-तेजस्‍वी, किया सरकार बनाने का दावा

  • Updated on 8/9/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पिछले कुछ दिनों से बिहार में चल रहे राजनीतिक हलचल की तस्वीरें साफ हो गई है। प्रदेश में भाजपा- जदयू का गठबंधन टूट गया है। राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद नीतीश कुमार ने कहा- हमने एनडीए छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला पार्टी का है। सीएम नीतीश राजद नेता तेजस्वी यादव के साथ राज्‍यपाल से फिर मिलने गए हैं जहां उन्होंने नई सरकार बनाने का किया दावा किया। इसके पहले राज्यपाल को उन्होंने 160 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपा। 

पटना में आयोजित जदयू की बैठक के बाद राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार राज्‍यपाल से मिलकर एनडीए से अलग होने व महागठबंधन की सरकार बनाने के लिए विधायकों का समर्थन पत्र सौंपेंगे। इस बीच बड़ी खबर यह है कि महागठबंधन की नई नीतीश सरकार में दो उपमुख्‍यमंत्री रहेंगे। इनमें आरजेडी से तेजस्‍वी यादव का नाम तय है।

 

इसके पहले जदयू प्रवक्ता के.सी.त्यागी ने कहा, ‘नीतीश कुमार जदयू के निर्विवाद नेता हैं। उनका पार्टी के सभी नेता व कार्यकर्ता सम्मान करते हैं। इसलिए पार्टी में किसी विभाजन का सवाल ही नहीं है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी जो भी फैसला लेगी, वह सभी को स्वीकार्य होगा।’

राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मंगलवार को दोनों दलों द्वारा विधायकों की बैठक बुलाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि स्थिति असाधारण है। उन्होंने कहा, ‘मुझे मौजूदा घटनाक्रम के बारे में व्यक्तिगत रूप से कुछ पता नहीं है। 

लेकिन, हम इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं कि दोनों दलों (जिनके पास बहुमत हासिल करने के लिए पर्याप्त संख्या है) ने उस समय ऐसी बैठकें बुलाई हैं, जब विधानसभा का सत्र संचालन में नहीं है।’ तिवारी ने कहा, ‘अगर नीतीश राजग को छोडऩे का फैसला लेते हैं तो हमारे पास उन्हें गले लगाने के अलावा और क्या विकल्प है। राजद भाजपा से लडऩे के लिए प्रतिबद्ध है। अगर मुख्यमंत्री इस लड़ाई में शामिल होने का फैसला करते हैं तो हमें उन्हें अपने साथ लेना ही होगा।’

तिवारी से पूछा गया कि क्या राजद पूर्व के कड़वे अनुभवों को भुलाने को इच्छुक है, तो उन्होंने कहा, ‘राजनीति में हम इतिहास के बंधक बने नहीं रह सकते। हम समाजवादी हैं और शुरुआत कांग्रेस के विरोध से की थी जो उस समय सत्ता में थी।’ प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने पार्टी के सभी प्रवक्ताओं को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। अब राजद में फिर नए प्रवक्ता की सूची जल्द बनाई जाएगी। 

भाकपा- माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा, ‘यदि जदयू भाजपा से गठजोड़ तोड़ता है और नई सरकार बनती है तो हम मदद का हाथ बढ़ाएंगे।’ कांग्रेस विधायक शकील अहमद खान ने कहा कि बैठक विधानमंडल में दल के नेता अजीत शर्मा के आवास पर होगी और इसमें बिहार के पार्टी प्रभारी भक्त चरण दास भी शामिल होने की संभावना है। खान ने कहा, ‘हम हमेशा मानते हैं कि समान विचारधारा वाले दलों को एक साथ आना चाहिए।  समाजवादी विचारधारा में विश्वास रखने वाली मुख्यमंत्री की पार्टी जदयू अगर भाजपा का साथ छोड़ती है तो हम निश्चित रूप से इसका स्वागत करेंगे।’

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