Friday, May 14, 2021
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जानिए क्या है UNGA, अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद PM मोदी- इमरान खान होंगे आमने-सामने

  • Updated on 9/25/2019

नई दिल्ली/ प्रियंका शर्मा। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370 ) को खत्म करने के बाद से ही पाकिस्तान और वहां के मंत्री भारत के खिलाफ विवादित बयान देते रहे हैं। और ऐसी स्थिति में एक ऐसा मौका आने वाला है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के पीएम इमरान खान आमने-सामने होंगे। न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA - United Nations General Assembly) कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी वहां पहुंच चुके हैं। वहीं पाकिस्तान भी इस महासभा का सदस्य है इक कारण, कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ-साथ अन्य कई देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद होंगे।

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क्या है संयुक्त राष्ट्र महासभा और कब शुरू हुआ
बता दें कि यूएनजीए का पहला अधिवेशन 10 जनवरी 1946 को लंदन के मेथोडिस्ट सेंट्रल हॉल में हुआ था। इस अधिवेशन के दौरान यूएनजीए में 51 सदस्य देश थे। और अब यूएनजीए में दुनिया भर से 193 देश सदस्य हैं। इन सभी देशों में करीब दो तिहाई देश विकासशील हैं। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र महासभा, संयुक्त राष्ट्र  के प्रमुख छह अंगों में से एक है। यूएनजीए, संयुक्त राष्ट्र की एकमात्र ऐसी संस्था है जहां सभी सदस्य देशों को समान प्रतिनिधित्व मिला हुआ है।

सात महीने पहले तय होता है एजेंडा करीब
यूएनजीए में अधिवेशन के हर सत्र के लिए एजेंडा करीब सात महीने पहले से ही तय कर लिए जाते हैं फिर 60 दिन पहले इन्हें रिवाइज किया जाता है। इसमें देशों की संख्या ज्यादा होने के कारण विकासशील देश अक्सर यूएनजीए के अधिवेशनों के एजेंडे भी तय करने में सफल हो जाते हैं।

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हर साल सितंबर में UNGA का अधिवेशन होता है
दरअसल हर साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का अधिवेशन होता है। अधिवेशन में सदस्य देशों के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति हिस्सा लेते हैं। इन सभी के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा व बहस होती है और वे अपने विचार रखते हैं। यहां किसी प्रस्ताव को पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। और मतों के लिए एक देश, एक मताधिकार की प्रणाली लागू होती है।

विश्व की लघु संसद
यूएनजीए को विश्व की लघु संसद भी कहा जाता है। इसका कारण है कि संयुक्त राष्ट्र के बजट समेत कुछ अन्य क्षेत्रों में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार भी यूएनजीए के पास है। यहां ये भी तय होता है कि संस्था के कार्यों के लिए हर सदस्य देश को कितनी राशि देनी है।

यूएनजीए के बजट को राजनीतिक मामलों, अंतरराष्ट्रीय न्याय व कानून के माममों, विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, जन सूचना, मानवाधिकार जैसे क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रमों के लिए किया जाता है। 

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पहली सीट पर कौन सा देश बैठेगा
यूएनजीए के अधिवेशन में हॉल में सबसे आगे बायीं तरफ की पहली सीट पर किस देश के प्रतिनिधि होंगे, इसका फैसला वार्षिक तौर पर बैलट ड्रॉ द्वारा सेक्रेटरी जेनरल करते हैं। बाकि हॉल में कौन सा देश कहा बैठेगा  इसका फैसला उनके नाम से किया जाता है। अंग्रेजी नाम के शुरुआत में आने वाले अल्फाबेट के अनुसार देशों के प्रतिनिधियों को बैठना होता है।

इस बार यूएनजीए का 74वां अधिवेशन है। और न्यूयॉर्क में इसका आयोजन हो रहा है। इसके सभी सदस्य देश इसमें भाग लेते है ताकि वैश्विक तौर पर फैंसले लिए जा सके।

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