Saturday, Apr 17, 2021
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After the ban 59 Chinese apps in India demand for a ban in America as well prshnt

भारत के 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध के बाद अमेरिका में भी उठी बैन की मांग, विदेश मंत्री ने कही ये बात

  • Updated on 7/2/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। भारत में 59 चीनी ऐप के प्रतिबंध की गूंज अमेरिका तक सुनाई दे रही है और अमेरिका ने इसका समर्थन किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने कहा कि इस फैसले से भारत की संप्रभुता के साथ अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। भारत के सूचना औद्योगिक मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि केंद्र सरकार ने देश की सलामती, रक्षा, सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता के लिए यह कदम उठाया और 59 चीनी ऐप्स को बैन कर दिया।

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अमेरिका ने चीनी ऐप्स को बताया खतरा
भारत की तरह अमेरिका में भी चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध की मांग उठने लगी है। सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी सच हुए सांसदों ने टिक टॉक को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है और ट्रम प्रशासन से इस पर रोक लगाने की मांग की है। बता दे कि भारत में सोमवार को सिर्फ 59 एप्स पर प्रतिबंध लगा है उसमें टिक टॉक और यूसी ब्राउजर जैसे ऐप्स शामिल है। यह सभी ऐप देश की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता के लिए खतरा बताया जा रहे हैं।

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टिक टॉक को लेकर अमेरिकी संसद में दो विधेयक लंबित
दरअसल भारत और चीन सीमा विवाद को लेकर गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के बाद भारत सरकार ने यह फैसला लिया, इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे और 40 से अधिक सैनिक चीन के भी मारे गए थे।

अमेरिका में कई राजनेताओं ने भारत के इस कदम पर प्रतिक्रिया दी है, रिपब्लिकन सांसद रिच क्रॉसवर्ड ने ट्वीट कर कहा कि टिक टॉक को जाना ही होगा इसे तो पहले ही चला जाना चाहिए था।

दरअसल पिछले सप्ताह ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन ने आरोप लगाया था कि चीन सरकार अपने उद्देश्यों के लिए टिक टॉक का इस्तेमाल कर रही है, वहीं अमेरिका संसद में टिक टॉक के प्रतिबंध को लेकर दो विधेयक अभी तक लंबित है।

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