Monday, Nov 28, 2022
-->
after the ban on pfi, lalu yadav said ban on rss too lashed out at modi government

PFI पर बैन के बाद लालू यादव ने कहा- RSS पर भी लगे बैन, मोदी सरकार पर बरसे

  • Updated on 9/28/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश भर में दो चरण में की गई छापेमारी और तमाम सबूतों को इकट्ठे करने के बाद केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही इस मसले पर राजनीतिक बयानबाजियां शुरू हो गई हैं। साथ ही साथ इसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को भी घसीटा जाने लगा है।

पीएफआई पर बैन के बाद राजद चीफ लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि आरएसएस पर भी बैन लगा देना चाहिए। लालू यादव ने कहा कि पीएफआई और आरएसएस दोनों की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में  बेरोजगारी और  महंगाई से हालात बद से खराब हो गए हैं। देश में हिंदू- मुस्लिम करके कट्टरता फैलान की कोशिश की जा रही है। ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकना है। ये बातें लालू ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए पार्टी के चुनाव का नामांकन दाखिल करने के दौरान कही। 

इसके पहले केरल से कांग्रेस के सांसद के. सुरेश ने कहा कि पीएफआई के खिलाफ जैसी कार्रवाई हुई है, वैसी ही आरएसएस के खिलाफ भी होनी चाहिए। सुरेश ने कहा कि संघ पर भी बैन लगना चाहिए। उन्होंने कहा- संघ देश भर के हिंदुओं में सांप्रदायिकता और अतिवादी गतिविधियों को बढ़ावा देता है। इसलिए केंद्र सरकार को दोनों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। 

सुरेश ने कहा कि आरएसएस देश में बहुसंख्यक सांप्रदायिकता को बढ़ावा देता है। इसलिए उस पर भी बैन लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता चाहे अल्पसंख्यकों के बीच हो या फिर बहुसंख्यकों में हो, दोनों ही देश के लिए खतरनाक हैं।

कांग्रेस नेता के सुरेश के इस बयान पर गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो हमेशा देशविरोधी ताकतों के बचाव में खुलकर आ जाते हैं। मैं यही कहूंगा कि राष्ट्रनिर्माण में अपना योगदान करें।

PFI पर 5 सालों के लिए बैन, 8 सहयोगी संगठनों पर भी UAPA के तहत लगाया प्रतिबंध

गृह राज्यमंत्री ने कहा कि पीएफआई के खिलाफ सबूतों के आधार पर फैसला लिया गया है। आने वाले समय में भी जैसा इनपुट मिलेगा, उसके आधार पर ही ऐक्शन लिया जाएगा। ये खतरनाक लोग हैं, तभी तो इनको बैन किया गया है। एनआईए की ओर से इसके सबूतों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

कांग्रेस पर हमलावर टेनी ने कहा कि वह तो हमेशा देशविरोधी ताकतों के बचाव में खुलकर आ जाते हैं। गौरतलब है कि सैकड़ों की संख्या में देश भर के राज्यों से पीएफआई के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से कई लोगों को रिमांड पर भेजा गया है।

पीएफआई को बैन किए जाने पर प्रसन्नता जताते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि पीएफआई के लोग पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हैं। उनको इस देश में ऐसे नारे लगाने का अधिकार नहीं है। केंद्र सरकार ने ये अच्छा फैसला किया है। ये देश भक्तों का देश है और यहां देशद्रोही बयान कोई किसी पर नहीं कर सकता है। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.