ट्रेनिंग के बाद नौकरी से निकाला तो होगी कार्रवाई

  • Updated on 12/5/2018

देहरादून/ ब्यूरो। रोजगार मेलों के माध्यम से नौकरी पाने वाले युवाओं को प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां बिना वाजिब कारण बताए नहीं निकाल पाएंगी। इसके लिए सरकार, नौकरी पाने वाले कर्मचारी और इंडस्ट्री के बीच अनुबंध होगा।

बुधवार को विधानसभा में विधायक सुरेश राठौर ने रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को रोजगार दिये जाने को लेकर सवाल पूछा। जिसके जवाब में श्रम एवं रोजगार मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि 192 इकाइयों में लगभग 8721 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

संजीव आर्य ने अनुपूरक सवाल उठाते हुए कहा कि रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को बतौर ट्रेनी रखा जाता है और ट्रेनिंग पीरियड के दौरान बहुत कम मानदेय दिया जाता है। ट्रेनिंग पीरियड पूरा होने के बाद युवाओं को नौकरी से निकाल दिया जाता है। विभागीय  मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि यह गंभीर मामला है।ऐसा पहले भी उनके संज्ञान में आ चुका है।

आउट सोर्सिंग एजेंसी बनेगा सेवायोजन विभाग, विधानसभा में विभाग के औचित्य पर उठे सवाल 

इसको लेकर सरकार की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया है कि भविष्य में होने वाले रोजगार मेलों में इंडस्ट्री के साथ अनुबंध किया जायेगा। जिसमें कर्मचारी और विभाग भी पार्टी बनेंगे। अगर इसके बाद भी कोई कंपनी ट्रेनिंग पीरियड के बाद युवाओं को नौकरी पर नहीं रखेगी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

फैक्टरी पर लगा दूंगा ताला
भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल ने उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार नहीं मिलने का सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मैंने घोषणा की थी, अगर मेरे क्षेत्र के उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 70 फीसदी रोजगार नहीं मिलेगा तो मैं संबंधित फैक्टरी पर ताला लगा दूंगा लेकिन सरकार के डर से ऐसा नहीं कर पा रहा हूं।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.