Sunday, Apr 18, 2021
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agriculture minister tomar said those stopping supply trains to soldiers can not be farmers sohsnt

कृषि मंत्री तोमर बोले- जवानों के लिए रसद ले जा रही ट्रेनें रोकने वाले लोग किसान नहीं हो सकते

  • Updated on 12/18/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्र की मोदी सरकार (Modi Govt) द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों (Farms Law) के खिलाफ किसानों का आंदोलन आज 23वें दिन भी लगातार जारी है। सरकार ने किसानों को कानून में संशोधन का प्रस्ताव दिया था, जिसे खारिज कर दिया गया। सरकार और किसानों के बीच पांच दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकल सका।

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ट्रेनें रोकने वाले ये लोग किसान हो नहीं सकते- तोमर
ऐसे में अब केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के नाम चिट्टी लिखी है। उन्होंने विपक्षी दलों पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि निर्दोष किसानों पर राजनीति कर उन्हें राजनीतिक कठपुलती बनाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की सीमा पर विरोध कर रहे लोगों को एक खुले पत्र में कहा कि जवानों के लिए रसद ले जा रही ट्रेनें रोकने वाले ये लोग किसान हो नहीं सकते। उन्होंने कहा, सीमाओं पर सैनिकों के लिए खाद्य पदार्थ की आपूर्ति करने वाली गाड़ियों को रोकना, विशेषकर ऐसे समय में जब लद्दाख में स्थिति 'चुनौतीपूर्ण' है, किसान नहीं हो सकते।'

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विपक्षी दलों पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर तीन नए कृषि कानूनों को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को आंदोलनरत किसानों से इस 'सफेद झूठ' से बचने की सलाह दी और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनकी सभी चिंताओं को दूर करने को तैयार है। उन्होंने वामपंथी दलों पर हमला करते हुए कहा कि वे आज भी 1962 की भाषा बोल रहे हैं जो उन्होंने चीन के खिलाफ लड़ाई के दौरान उस वक्त इस्तेमाल की थी। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के जारी रहने और मंडी व्यवस्था को मजबूत करने का आश्वासन दिया।

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किसानों के बीच 'झूठ की दीवार' खड़ी करने की साजिश- तोमर
तोमर ने किसानों से आग्रह किया कि वे 'राजनीतिक स्वार्थ' के लिए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ फैलाए जा रहे भ्रम से बचें। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और किसानों के बीच 'झूठ की दीवार' खड़ी करने की साजिश रची जा रही है। किसानों के नाम लिखे एक पत्र में तोमर ने दावा किया कि तीन कृषि सुधार कानून भारतीय कृषि में नए अध्याय की नींव बनेंगे, किसानों को और स्वतंत्र तथा सशक्त करेंगे। उन्होंने पत्र की प्रति ट्विटर पर भी साझा की।

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पीएम मोदी ने पत्र को लेकर कही ये बात
तोमर ने कहा, 'देश के अलग-अलग क्षेत्रों से ऐसे किसानों के उदाहरण भी लगातार मिल रहे हैं, जिन्होंने नए कानूनों का लाभ उठाना शुरू भी कर दिया है।’’ उन्होंने कहा कि इन कृषि सुधार कानूनों का दूसरा पक्ष ये है कि किसान संगठनों में एक भ्रम पैदा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तोमर द्वारा किसानों के नाम लिखे गए पत्र को उनके 'विनम्र संवाद का प्रयास' बताया और किसानों से उसे पढ़ने का आग्रह किया।

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