Sunday, Apr 18, 2021
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AIIMS डायरेक्टर ने बताया- कोरोना वैक्सीन की साइड इफेक्ट से नहीं होती मौत

  • Updated on 1/19/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना (Coronavirus) जैसी बड़ी महमारी को हराने के लिए भारत में वैक्सीनेशन (Corona vaccination) 16 जनवरी से शुरू हो गया है, लेकिन वैक्सीन को लेकर अब भी लोगों के मन में डर बना हुआ है कि कहीं इसके कारण उनके  स्वास्थ्य पर बुुरा असर न पड़े। वहीं कई लोगों को वैक्सीन के बाद मौत का डर भी सता रहा है। कोरोना वैक्सीनेशन के बाद मौत होने के दावे को एम्स डायरेक्टर (AIIMS Director) ने खारिज किया है। 

एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया का कहना है कि किसी भी वैक्सीन से किसी भी इंसान को रिएक्शन हो सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से लोगों को माइनर रिएक्शन होते हैं, जैसे फीवर, बॉडी पेन, शरीर में दर्द या जहां पर टीक लगा हो वहां पर दर्द। लेकिन ऐसा भी केवल 10 प्रतिशत लोगों के साथ ही होता है और इसमें घबराने की कोई बात नहीं है, ऐसा होना स्वाभाविक होता है। डॉक्टर गुलेरिया ने ये स्पष्ट कर दिया कि वैक्सीनेशन से ऐसा कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता जिससे मौत हो जाए। 

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कर्नाट में वैक्सीनेशन के बाद मौत
दरअसल लोगों के मन में वैक्सीनेशन के बाद मौत का डर देश में घटी दो घटनाओं से बैठा है। कर्नाटक में 43 वर्षीय स्वास्थ्य कर्मचारी ने 16 जनवरी शनिवार के दिन दोपहर के समय कोरोना का टीका लगवाया था। सोमवार तक वो ठीक रहे, लेकिन इसके बाद उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। मामले में स्वायत्त सरकारी संस्थान श्री जयदेव हृदय रोग विज्ञान और अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. सी एन मंजूनाथ का कहना है कि कर्मचारी की मौत मात्र एक संयोग है। इसका कोरोना के टीके से कोई लेना-देना नहीं है। 

यूपी में वैक्सीनेशन के बाद मौत
वहीं उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में 46 वर्षीय स्वास्थ्यकर्मी महिपाल की मौत भी कोरोना टीका लगाने के बाद हुई। डॉक्टरों ने उनकी मौत का कारण हृदय और फेफड़े संबंधी रोगों को बताया। वहीं उनके परिवार का आरोप है कि मौत कोरोना का टीका लगने से हुई है। महिपाल को इस प्रकार की कोई बीमारी नहीं थी। उनको बस बुखार और खांसी की शिकायत थी। महिपाल मुरादाबाद के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में वार्ड ब्वॉय के पद पर काम कर रहे थे। 16 जनवरी शनिवार को उन्होंने टीका लगवाया और रविवार रात को उनकी मौत हो गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा है कि महिपाल की मौत का कारण दिल की बीमारी थी। 

बता दें कि कोरोना की वैक्सीन डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने पहले ही दिन 16 जनवरी शनिवार को स्वयं भी लगवाई थी और उन्होंने कोरोना वैक्सीन से मौत के दावे को पूरी तरह से खारिज किया है। 

वैक्सीन के प्रतिकूल प्रभाव पर इस नंबर पर करें फोन
सरकार के प्रोटोकॉल के हिसाब से वैक्सीन के प्रतिकूल प्रभाव हो तो 1800 1200124 (24x7) नंबर पर फोन कर सकते हैं। वैक्सीन कंपनी की ओर से जारी फैक्टशीट में दावा किया गया है कि 10 फीसदी लोगों में ऐसी परेशानी आ सकती है जो सामान्य है। वैक्सीन लगाने के बाद आधा घंटा तक सेंटर पर ही रहना अनिवार्य है ताकि निगरानी हो सके। किसी तरह के साइड इफेक्ट्स से निपटने के लिए अलग से सेंटर बनाए गए हैं। वैक्सीन का गंभीर साइड इफेक्ट्स होने पर सरकार की तरफ से चिह्नित और ऑथोराइज्ड सेंटर्स और अस्पताल में इलाज करवाया जाएगा।

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प्रतिकूल प्रभाव पर वैक्सीन की कंपनी देगी मुआवजा
वहीं कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने कहा है कि वैक्सीन लगने पर अगर किसी भी तरह का गंभीर प्रभाव सामने आनता है तो उन्हें मुआवजे का भुगतान किया जाएगा। लेकिन इसमें यह बात साबित होनी चाहिए कि गंभीर प्रभाव वैक्सीन लेने के कारण ही हुआ है। वैक्सीनेशन सेंटर पर उपलब्ध सहमति पत्र में मुआवजा का बात का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है। 

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