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Akanksha Wants To Serve The Poor By Becoming A Neuro Surgeon prsgnt

कोचिंग पढ़ने 70 किमी दूर जाती थी NEET टॉपर आकांशा, न्यूरो सर्जन बनने का देख रही हैं सपना....

  • Updated on 10/17/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नीट-2020 के परिणाम आ गए हैं जिसमें पूर्वांचल की बेटी आकांक्षा सिंह ने देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। आकांशा ने नीट में पाई इस सफलता से न सिर्फ अपने परिवार का बल्कि पूरे जिले का भी मान बढ़ाया है। सिर्फ पढ़ाई में ही डूबी रहने वाली आकांशा न्यूरो सर्जन बनना चाहती हैं और पूर्वांचल के पिछड़े इलाकों में लोगों की सेवा करना चाहती हैं।

आकांक्षा ने पढ़ाई को कभी समय में फेर में नहीं रखा।  उन्होंने सिर्फ पढ़ाई की और बाकी कामों के लिए पढ़ाई के बीच से समय निकाला। आकांशा ने दो साल तक गंभीरता से पढ़ाई की और इस दौरान उन्होंने मोबाइल को अपने पास नहीं रखा और न ही सोशल मीडिया पर दिखाई दी। 

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उन्होंने पूरी तरह से सोशल मीडिया को अवॉयड किया। सिर्फ इतना ही नहीं, आकांशा दिल्ली में रहते हुए भी पढ़ाई के लिए अपनी मां से त्योहारों में मिलने तक नहीं आई। ये उनकी कड़ी मेहनत और तपस्या ही है जो उन्हें आज नीट में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उनके परिवार और सभी रिश्तेदारों को उनपर गर्व है।  

उन्होंने बताया कि नीट की परीक्षा के लिए उन्होंने कोचिंग ली थी जो उनके घर से 70 किलोमीटर दूर थी। वो रोजाना 70 किमी दूर गोरखपुर सिर्फ कोचिंग के लिए जाती थी। 

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आकांशा बताती हैं कि उनके पिता ने क्लास 9 में ही आकाश इंस्टीट्यूट में प्रवेश करा दिया था। उन्होंने पहले गोरखपुर बाद में दिल्ली में पढ़ाई की। जिसके चलते उन्हें नीट में सफलता मिली। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान समय में नीट की पूरी पढ़ाई एनसीईआरटी की किताबों पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि सेल्फ स्टडी जरूरी है लेकिन कोचिंग की पढ़ाई से दिशा मिल जाती है। इसलिए भी कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ स्टडी बेहद जरूरी है। आकांशा ने अपने परिवार के बारे में बताया कि उनके पिता राजेंद्र कुमार राव एयरफोर्स से रिटायर हैं और मां रुचि सिंह सरकारी शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि अनुशासन पर चलते हुए ही उन्होंने सफलता पाई है और आगे भी अपने मुकाम को पाने के लिए वो इसी तरह से पढ़ाई करेंगी।

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