Tuesday, May 17, 2022
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akhilesh yadav asked the modi govt why is poor are not welcome in vande bharat train rkdsnt

अखिलेश यादव ने मोदी सरकार से पूछा- ‘वंदे भारत’ में गरीब वंदनीय क्यों नहीं है?

  • Updated on 5/17/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए पूछा है कि ‘वंदे भारत’ में ग़रीब वंदनीय क्यों नहीं है? इसके साथ ही उन्होंने प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर सरकार से कोई ठोस कदम उठाने की गुजारिश की है। सपा अध्यक्ष ने मजदूरों के साथ बल प्रयोग करने पर भी ऐतराज जताया है। उन्होंने पूछा है कि जिस प्रदेश ने देश को महामहिम दिए, प्रधान जी दिए, उस यूपी ने अपनी सीमाओं को ग़रीबों के लिए सील क्यों कर दिया है। 

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अखिलेश अपने ट्वीट में लिखते हैं, 'जिस प्रदेश ने देश को महामहिम दिए, प्रधान जी दिए, उस उप्र ने अपनी सीमाओं को ग़रीबों के लिए सील कर दिया है. बिना सड़क प्रवासी मज़दूर भला कैसे बिहार, उड़ीसा, झारखंड, बंगाल व पूर्वोत्तर जाएंगे. ये हवा-हवाई सरकार कोई हवाई मार्ग ही बता दे. ‘वंदे भारत’ में ग़रीब वंदनीय क्यों नहीं है?'

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वह आगे लिखते हैं, 'उप्र में अचानक सीमाओं को बंद करने का आदेश देकर सरकार ने असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है. जो लोग बीच प्रदेश में फँसे हैं, उनको मारने के लिए पुलिस को मजबूर किया जा रहा है। ज्ञानी लोग क्या ये नहीं जानते हैं कि हमारा संस्कार भूखे-प्यासों को रोटी-पानी देने का है न कि... दया करो!'

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इसके साथ ही उन्होंने सरकार से गुजारिश की है कि वह संवेदनशील होकर फैसले लें। बकौल अखिलेश, 'सरकार से आग्रह है कि वो व्यावहारिक फ़ैसले ले —सड़कों पर जो लोग सैकड़ों मील चलकर जहाँ भी पहुँचे हैं अब वहाँ से आगे उन्हें घर पहुँचाने की व्यवस्था तुरंत करे. पुलिस बल भी थका और मजबूर है, वो भी एक सीमा से अधिक जन-सैलाब का सामना नहीं कर सकता है, ये सरकारी-अराजकता अच्छी नहीं। #Lockdown4

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अपने एक अन्य ट्वीट में वह लिखते हैं, 'अगर सरकार का ग़रीब-मज़दूरों के प्रति ऐसा ही दुर्भावपूर्ण व उपेक्षापूर्ण व्यवहार रहा तो भला किस पर विश्वास करके ये प्रवासी मज़दूर वापस काम पर लौटेंगे. अमीरों की इस सरकार ने अब तो श्रम क़ानूनों का रक्षा-कवच भी छीन लिया है. बिना मज़दूर के कोई काम-कारख़ाना कैसे चलेगा, कोई तो समझे।'

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