Wednesday, Sep 18, 2019
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मायावती से मिले अखिलेश, बनाई गठबंधन सरकार बनाने की रणनीति

  • Updated on 5/20/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती 23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजों तक ‘वेट एंड वाच’ नीति पर अमल करेंगी। सोमवार को उनके और समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच करीब एक घंटे तक विचार विमर्श हुआ। हालांकि, इस विचार-विमर्श में किन मुद्दों पर बात हुई इसके बारे में सही जानकारी तो नहीं लग पायी लेकिन ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों नेताओं के बीच चर्चा का मुख्य मुददा एक्जिट पोल रहे होंगे। 

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पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, 'भविष्य में पार्टी की क्या रणनीति रहेगी इसका खुलासा चुनाव का अंतिम परिणाम आने के बाद ही किया जाएगा लेकिन तब तक बहन जी लखनऊ में ही रहेंगी।' विभिन्न एग्जिट पोल के आधार पर यह कहा जा सकता है कि सपा-बसपा गठबधंन उत्तर प्रदेश में भाजपा की 2014 की सीटों में कमी तो लाएगा लेकिन इसके बावजूद वह केंद्र में राजग को सरकार बनाने से नहीं रोक पायेगा।  

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एक्जिट पोल में केंद्र में राजग की सरकार बनने के कयासों के बीच गठबंधन सहयोगी बसपा की प्रमुख मायावती से सोमवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की। लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा और रालोद ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। अखिलेश सोमवार दोपहर बसपा प्रमुख के घर पहुंचे और दोनों नेताओं के बीच एक घंटे तक बातचीत हुई।  

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दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बारे में अभी जानकारी नही मिल पायी है। गठबंधन की दोनों पार्टियों के नेता हालांकि यह मानने को कतई तैयार नहीं है कि भारतीय जनता पार्टी को तीन सौ से अधिक सीटें मिलेंगी और वह आसानी से केंद्र में सरकार बना लेगी। एक अन्य नेता ने कहा, 'हमें (सपा-बसपा-रालोद) 55 सीट से कम तो किसी भी हालत में नही मिलेंगी। गठबंधन ने बहुत अच्छा काम किया है और हम अस्सी में से साठ सीटों की उम्मीद कर रहे हैं। हम एक्जिट पोल से सहमत नहीं है।'

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पार्टी के एक नेता ने बताया, 'पार्टी के नेताओं को कहा गया है कि वह राजधानी 23 मई को चुनाव परिणामों के बाद आयें और तब तक वह अपने-अपने क्षेत्रों में रहे।' साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा को 71 सीटें तथा उसके सहयोगी अपना दल को दो सीटें, समाजवादी पार्टी को पांच, कांग्रेस को दो सीटें मिली थी जबकि बसपा का खाता भी नहीं खुला था।

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लोकसभा चुनाव मतदान का दौर खत्म होने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय पहुंचकर दल के नेताओं से चुनाव परिणामों के बाद की रणनीति पर मंत्रणा की।   पार्टी सूत्रों के मुताबिक बसपा प्रमुख मायावती से मुलाकात के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश पार्टी मुख्यालय पहुंचे और दल के नेताओं से चुनाव परिणामों के बाद की रणनीति पर चर्चा की। 

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आमतौर पर कार्यकर्ताओं की भीड़ से गुलजार रहने वाले सपा दफ्तर में आज सुबह चंद कार्यकर्ता ही नजर आये। सीतापुर से सपा के नेता अजय प्रताप सिंह ने कहा कि एग्जिट पोल के कुछ सर्वेक्षणों में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन को 50 से ज्यादा सीटें दी गई हैं। हमारे लिये यह उत्साहजनक है, मगर हम 23 मई को नतीजे आने का इंतजार कर रहे हैं।   सपा दफ्तर के ठीक बाहर स्थित दुकान, जहां अक्सर भीड़ रहती थी, वहां आज कोई भी ग्राहक नजर नहीं आ रहा था। 

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सपा कार्यालय के सामने पार्टी के झंडे और बैनर बेचने वाले मनोज ने उम्मीद जतायी कि चुनाव में अगर गठबंधन को अपेक्षा के मुताबिक सीटें मिलीं तो झंडियों और अन्य सामग्री की मांग बढ़ेगी।   सपा नेताओं को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बसपा से गठबंधन करने के फैसले पर पूरा भरोसा है। सपा के विधान परिषद सदस्य राजपाल कश्यप का कहना है कि उन्हें गठबंधन के अच्छे प्रदर्शन का पूरा भरोसा है। मगर इस वक्त वह आंकड़ों के खेल में नहीं फंसना चाहते।

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