Tuesday, Jan 25, 2022
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मजदूरों के मुद्दे पर कांग्रेस के साथ खड़े नजर आए अखिलेश यादव, BJP पर साधा निशाना

  • Updated on 5/19/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर देश की राजनीति गर्म हो गई है। केंद्र की मोदी सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज आने के बावजूद मजदूर सकड़ों पर चलने को मजबूर हैं। इसको लेकर विपक्ष केंद्र पर निशाना साध रहा है, वहीं अपने स्तर पर मजदूरों के लिए खाने-पीने और उनकी यात्रा के लिए बसों का इंतजाम भी कर रहा है। 

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कांग्रेस खास तौर पर मजदूरों के मुद्दे पर सक्रिय हो गई है। यूपी में कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी ने जिस तरह से मजदूरों के लिए सीमा पर बसों की कतारें लगाकर योगी सरकार घेरने का प्रयास किया, उससे केंद्र में भी हलचल मच गई है। अब कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी खड़े नजर आ रहे हैं। 

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अखिलेश यादव ने यूपी को योगी सरकार को बसों के फ़िटनेस सर्टिफिकेट के नाम पर मजदूरों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने साफ कहा है कि बसों के फ़िटनेस सर्टिफिकेट के नाम पर प्रवासी मज़दूरों का उत्पीड़न हो रहा है। सपा अध्यक्ष का कहना है कि भाजपा सरकार पहले ख़ुद का फिटनेस सर्टिफिकेट दे। 

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बकौल अखिलेश यादव, 'उप्र की सरकार बसों के फ़िटनेस सर्टिफिकेट के बहाने प्रवासी मज़दूरों को सड़कों पर उत्पीड़ित कर रही है. भाजपा सरकार ख़ुद अपने फिटनेस का सर्टिफिकेट दे कि इस बदहाली में क्या वो देश-प्रदेश चलाने के लायक है। अब कहाँ हैं पूरी दुनिया में भारत की उज्ज्वल होती छवि का ढिंढोरा पीटनेवाले।'

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वह आगे कहते हैं, 'आम जनता को ये समझ नहीं आ रहा है कि जब सरकारी, प्राइवेट और स्कूलों की पचासों हज़ार बसें खड़े-खड़े धूल खा रही हैं तो प्रदेश की सरकार प्रवासी मज़दूरों को घर पहुँचाने के लिए इन बसों को सदुपयोग क्यों नहीं कर रही है. ये कैसा हठ है? बस की जगह बल का प्रयोग अनुचित है।'

उधर, प्रियंका गांधी ने योगी सरकार से फिर गुजारिश की है। वह कहती हैं, 'उप्र सरकार का खुद का बयान है कि हमारी 1049 बसों में से 879 बसें जाँच में सही पायीं गईं। ऊँचा नागला बॉर्डर पर आपके प्रशासन ने हमारी 500 बसों से ज्यादा बसों को घंटों से रोक रखा है। इधर दिल्ली बॉर्डर पर भी 300 से ज्यादा बसें पहुँच रही हैं। कृपया इन 879 बसों को तो चलने दीजिए.. हम आपको कल 200 बसें की नयी सूची दिलाकर बसें उपलब्ध करा देंगे। बेशक आप इस सूची की भी जाँच कीजिएगा। लोग बहुत कष्ट में हैं। दुखी हैं। हम और देर नहीं कर सकते।'

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