Thursday, Jan 27, 2022
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PM मोदी के 'आंदोलनजीवी' बयान पर भड़के अखिलेश, पूछा- उन्हें क्या कहें जो घर-घर जाकर चंदा ले रहे हैं

  • Updated on 2/10/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नए किस्म के आंदोलनजीवी वाले बयान पर समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने पलटवार किया है। सपा अध्यक्ष ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए पूछा कि जो लोग घर-घर जाकर चंदा ले रहे हैं, क्या वे चंदाजीवी संगठन के सदस्य नहीं हैं? दरअसल, पीएम मोदी ने किसान आंदोलन का समर्थन करने वालों को आंदोलनजीवी बताया था।

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कृषि कानून को लेकर कहा ये
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने तीन कृषि कानून बनाये लेकिन किसान उन कानूनों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। ऐसे में सरकार इन कानूनों को रद्द क्यों नहीं करती है। सपा नेता ने भाजपा पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि अगर आंदोलन करने वालों को 'आंदोलनजीवी' कहा जा सकता है तब एक पार्टी के चंदा मांगने वाले लोगों को क्या 'चंदाजीवी' नहीं कहा जाए। अखिलेश यादव ने सवाल किया कि देश में मंडिया क्यों नहीं बन रही हैं। वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि भारत की पहचान इसकी गंगा जमुनी तहजीब है और इसके तानेबाने को तोड़ने का प्रयाय ठीक नहीं है । उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को उनके उत्पाद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। 

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चंदा लेने वालों को क्या कहोगे?- अखिलेश
संसद में अखिलेश ने कहा, 'राष्ट्र ने आंदोलन के जरिए स्वतंत्रता प्राप्त की। आंदोलन के माध्यम से असंख्य अधिकार प्राप्त हुए। महिलाओं को आंदोलन के माध्यम से मतदान का अधिकार प्राप्त हुआ। महात्मा गांधी राष्ट्र के पिता बने क्योंकि उन्होंने अफ्रीका, विश्व और राष्ट्र के लिए आंदोलन किया।' यादव ने आगे कहा, 'आंदोलन के बारे में क्या कहा जा रहा है? वे लोग 'आनंदोलन जीवी' हैं। मुझे उन लोगों को क्या कहना चाहिए जो दान लेने के लिए बाहर जाते हैं? क्या वे 'चंदा जीवा संगठन' के सदस्य नहीं हैं?'

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विपक्ष ने केंद्र पर साधा निशाना
बता दें कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस सहित विपक्षी दलों ने सरकार पर लोकतांत्रिक तौर-तरीकों को दरकिनार करने और गंगा जमुनी तहजीब का तानाबाना तोड़ने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि केंद्र को किसानों की मांग मानते हुए अन्नदाताओं से बातचीत करके विवादित कृषि कानूनों से जुड़े मामले का समाधान निकालना चाहिए। वहीं, भाजपा ने कहा कि मोदी सरकार ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना से काम कर रही है जहां एक तरफ आत्मनिर्भर भारत अभियान के जरिये देश को मजबूत बनाने का काम हो रहा है, दूसरी तरफ विभिन्न कल्याण योजनाओं के जरिये नये भारत की नींव रखने का काम हो रहा है।

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पूर्व केंद्रीय मंत्री परनीत कौर ने कहा ये
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जारी चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री परनीत कौर ने कहा, 'किसान अपनी जायज मांग को लेकर दिल्ली की सरहद पर बैठे हैं, यह सरकार तार, कीलें और सीमेंट की बाधाएं खड़ी करके उन्हें रोकने का प्रयास कर रही है।' उन्होंने कहा कि इससे सरकार की किसान विरोधी सोच प्रर्दिशत होती है।उन्होंने सवाल किया, 'यह सरकार इतनी डरी क्यों है। यहां कोई जंग थोड़े ही लड़ी जा रही है। किसान अपनी रोजी-रोटी बचाने के लिये जायज मांगों को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं।

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